नई दिल्ली: गुरुवार को शुरुआती कारोबार में देश की दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखी गई. निवेशकों ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हुई नई डील्स और निवेश घोषणाओं को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया, जिससे सेक्टर में खरीदारी बढ़ी.
पिछले कुछ हफ्तों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों के लिए यह राहत भरा दिन रहा. एआई को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच अब बाजार का नजरिया बदलता दिख रहा है.
सुबह 9:28 बजे तक एचसीएलटेक के शेयरों में करीब 1.5% की तेजी दर्ज की गई. वहीं इंफोसिस और टीसीएस के शेयर 1% से अधिक चढ़े. टेक महिंद्रा में भी लगभग 1% की बढ़त देखी गई.
यह संकेत देता है कि सिर्फ एक-दो कंपनियों में नहीं, बल्कि पूरे आईटी सेक्टर में सुधार का रुझान रहा.
बीते कुछ समय से आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में थे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेज प्रगति को लेकर यह आशंका जताई जा रही थी कि पारंपरिक आउटसोर्सिंग और सॉफ्टवेयर सर्विस मॉडल पर असर पड़ सकता है.
निवेशकों को डर था कि एआई आधारित ऑटोमेशन से कोडिंग, एप्लिकेशन मेंटेनेंस और सपोर्ट सर्विसेज जैसी पारंपरिक सेवाओं की मांग घट सकती है-जो भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा आधार रही हैं.
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सामने आई घोषणाओं ने तस्वीर बदलने के संकेत दिए हैं. यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय आईटी कंपनियां एआई की वजह से हाशिए पर नहीं जा रहीं, बल्कि एआई वैल्यू चेन में अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं.
टीसीएस ने अपने डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए OpenAI को ग्राहक के रूप में जोड़ा है, जिससे एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है. वहीं इंफोसिस ने एंटरप्राइज एआई अपनाने के लिए अपनी साझेदारियों का विस्तार किया है.
इन कदमों से संकेत मिलता है कि वैश्विक एआई कंपनियां इंटीग्रेशन, डिप्लॉयमेंट और मैनेज्ड सर्विसेज के लिए भारतीय आईटी फर्मों पर अधिक भरोसा कर सकती हैं.
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और वेंचर फंडिंग में बड़े निवेश की घोषणाओं ने यह धारणा मजबूत की है कि भारत वैश्विक एआई विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा.
इससे यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट और डील्स मिल सकती हैं.
हालिया बिकवाली के बाद कई आईटी शेयर अपने दीर्घकालिक औसत वैल्यूएशन के आसपास कारोबार कर रहे थे. ऐसे में निवेशकों को इनमें एंट्री का बेहतर मौका दिखाई दिया, जिसने तेजी को समर्थन दिया.
हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह तेजी लंबे समय तक टिकेगी, लेकिन गुरुवार का उछाल निवेशकों की सोच में बदलाव का संकेत देता है.
एआई को अब केवल पारंपरिक आईटी मॉडल के लिए खतरे के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि संभावित ग्रोथ इंजन के तौर पर भी समझा जा रहा है, बशर्ते कंपनियां शिखर सम्मेलन में की गई घोषणाओं को वास्तविक राजस्व और ठोस सौदों में बदलने में सफल रहें. First Updated : Thursday, 19 February 2026