लव मैरिज बनी मौत की वजह! मुजफ्फरपुर में ऑनर किलिंग का मामला, बेटी की हत्या कर नदी किनारे जलाया शव

मुजफ्फरपुर में प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को नदी किनारे जलाने की कोशिश की. घटना का खुलासा तब हुआ जब युवती के पति ने लगातार उसकी तलाश शुरू की.

Shraddha Mishra

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से ऑनर किलिंग का एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को नदी किनारे जलाने की कोशिश की. घटना का खुलासा तब हुआ जब युवती के पति ने लगातार उसकी तलाश की और सोशल मीडिया के जरिए न्याय की मांग उठाई. मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है.

यह मामला सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र का है. मृतक युवती की पहचान 19 वर्षीय सुजाता कुमारी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, सुजाता और घंसौत गांव निवासी गौरीशंकर कुमार के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध था. दोनों एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और उनका रिश्ता धीरे-धीरे गहरा होता गया.

बताया जाता है कि सुजाता का ननिहाल गौरीशंकर के गांव में था, जिससे दोनों का संपर्क बना रहा. करीब छह साल तक चले इस रिश्ते के बाद दोनों ने जनवरी 2026 में घर छोड़कर विवाह कर लिया. चूंकि दोनों अलग-अलग जातियों से संबंध रखते थे, इसलिए युवती के परिवार ने इस रिश्ते का शुरू से विरोध किया था.

शादी के बाद हरियाणा चले गए थे दोनों

विवाह के बाद सुजाता और गौरीशंकर हरियाणा चले गए और वहीं साथ रहने लगे. दूसरी ओर, युवती के परिजनों ने थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की और फरवरी में हरियाणा से उन्हें बरामद कर लिया. कोर्ट में पेशी के दौरान सुजाता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उसने अपनी इच्छा से शादी की है और वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. हालांकि कानूनी प्रक्रिया के दौरान गौरीशंकर जेल चला गया, जबकि सुजाता अपने रिश्तेदारों के यहां रहने लगी. बाद में उसकी मां उसे अपने घर ले गई.

अचानक गायब हुई सुजाता

गौरीशंकर का कहना है कि मार्च के अंत में उसकी पत्नी से आखिरी बार बातचीत हुई थी. इसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया. कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसे अनहोनी की आशंका होने लगी. उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पत्नी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और हत्या की आशंका व्यक्त की. साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी भी दी. बाद में उसने पुलिस को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच की मांग की.

जांच में सामने आया सनसनीखेज खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष जांच टीम बनाई गई. जांच के दौरान पुलिस ने नामजद आरोपी अभिषेक कुमार को हिरासत में लिया. पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया कि परिवार को डर था कि सुजाता दोबारा अपने पति के पास लौट सकती है. इसी कारण कथित रूप से उसकी हत्या की साजिश रची गई. आरोप है कि 8 मई को उसका गला दबाकर जान ले ली गई और बाद में शव को बूढ़ी गंडक नदी के किनारे ले जाकर जला दिया गया ताकि पहचान और सबूत दोनों मिट जाएं.

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उस स्थान से साक्ष्य जुटाए हैं जहां शव जलाने की बात कही गई है. फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी नमूने भी एकत्र किए हैं. प्रारंभिक जांच में इस वारदात में कई लोगों की संलिप्तता सामने आने की बात कही जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले तथ्यों के आधार पर पांच से अधिक लोगों की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

डीएसपी पूर्वी अलय वत्स ने बताया कि यह मामला सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया था. शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई और तथ्यों की पुष्टि होने पर मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है.

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