चचेरे भाई के साथ लिव-इन रिलेशन में थी मां का कत्ल करने वाली आयुषी, मामा के वकील ने किए बड़े दावे

चचेरे भाई के साथ लिव-इन रिलेशन में थी मां का कत्ल करने वाली आयुषी, मामा के वकील ने किए बड़े दावे मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम शर्मा कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे.

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नई दिल्ली: सरकारी नौकरी और करोड़ों की संपत्ति के लिए मां की हत्या की कथित साजिश के मामले में गिरफ्तार आयुषी शर्मा का मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है. अब इस केस में आयुषी के मामा की ओर से कई नए आरोप लगाए गए हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चा में ला दिया है. मामा ने न केवल अपनी बहन की हत्या की गहन जांच की मांग की है, बल्कि अपने जीजा की मौत को भी संदिग्ध बताते हुए उसकी दोबारा जांच कराने की अपील की है. इसी बीच उनके वकील ने आयुषी और उसके चचेरे भाई बलराम को लेकर भी सनसनीखेज दावा किया है.

प्रताप नगर के रवींद्र नगर इलाके में रहने वाली 45 वर्षीय नीरज शर्मा की 3 जुलाई को सड़क हादसे में मौत हो गई थी. शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस जांच में मामला हत्या की साजिश का निकला. पुलिस का आरोप है कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से जानबूझकर टक्कर मारकर नीरज शर्मा की हत्या कराई गई. इस मामले में पुलिस ने नीरज शर्मा की बेटी आयुषी, उसके ताऊ मोहन स्वरूप सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं मुख्य आरोपी बताए जा रहे बलराम शर्मा की तलाश अभी भी जारी है. जांच एजेंसियों का कहना है कि हत्या के लिए कथित तौर पर सुपारी दिए जाने की भी बात सामने आई है.

मामा ने जांच को और आगे बढ़ाने की मांग की

मृतका के भाई राकेश शर्मा का कहना है कि मामले की जांच अभी अधूरी है. उनका आरोप है कि मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और कथित सुपारी से जुड़े पैसों सहित कई महत्वपूर्ण सबूत अभी तक बरामद नहीं किए जा सके हैं. उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले के पीछे करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने की योजना हो सकती है. राकेश शर्मा ने यह भी मांग की है कि उनके जीजा विजय शर्मा की मौत की परिस्थितियों की भी दोबारा जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.

वकील ने लिव-इन रिलेशनशिप का लगाया आरोप

मामले में नया मोड़ तब आया जब राकेश शर्मा के वकील चंद्र प्रकाश शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम शर्मा कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. उनका आरोप है कि दोनों भविष्य में शादी करना चाहते थे. वकील ने यह भी दावा किया कि स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों लंबे समय तक एक ही घर में रहते थे. हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या अदालत द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

बलराम पर आयुषी को प्रभावित करने का आरोप

वकील चंद्र प्रकाश शर्मा का कहना है कि बलराम का आयुषी पर काफी प्रभाव था और वह उसके कहने पर ही फैसले लेती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बलराम ने कथित तौर पर किसी वीडियो के जरिए आयुषी पर दबाव बनाया और उसे अपने प्रभाव में रखा. वकील का यह भी दावा है कि पूरी साजिश में आयुषी का इस्तेमाल एक मोहरे की तरह किया गया. इन दावों की भी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है.

नौकरी और संपत्ति को लेकर विवाद का दावा

वकील के अनुसार, आयुषी के पिता विजय शर्मा के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर परिवार में विवाद शुरू हुआ था. उनका कहना है कि आयुषी चाहती थी कि सरकारी नौकरी उसे मिले, जबकि उसकी मां नीरज शर्मा स्वयं नौकरी करना चाहती थीं. बताया गया कि इस विवाद को लेकर मामला अदालत तक भी पहुंचा था, लेकिन आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के कारण नौकरी नीरज शर्मा को मिल गई. 

वकील का आरोप है कि दूसरी ओर बलराम और उसके पिता की नजर परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर थी. उनके अनुसार, इसी कथित लालच ने पूरे घटनाक्रम को जन्म दिया. हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों की जांच के बाद ही हो सकेगी.  First Updated : Monday, 13 July 2026