प्रधानमंत्री मोदी कहां लगाते हैं अपना पैसा? पढ़िए कितनी हुई इसमें बढ़ोत्तरी

Lok Sabha Election 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी हलफनामे में जो ईमेल आईडी साझा की है, वह [email protected] है.

JBT Desk
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Lok Sabha Election 2024: ऐसा कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था 10वें स्थान से उठकर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है. इसकी वजह पीएम के हलफनामें में भी बताई गई है. पीएम फिक्स डिपॉजिट और पोस्ट ऑफिस स्कीम्स में भरोसा करते हैं. पीएम मोदी के 2024 के चुनावी हलफनामे से पता चलता है कि उनके पास 3.02 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 52,920 रुपये नकद हैं. उनके 2024 के हलफनामे से पता चलता है कि उनके पास न तो जमीन है, न घर और न ही कार है. 

हलफनामें में क्या दी गई जानकारी 

पीएम मोदी के 2024 के चुनावी हलफनामे से पता चलता है कि पीएम मोदी की टैक्स योग्य इनकम 2018-19 में 11 लाख रुपये से दोगुनी होकर 2022-23 में 23.5 लाख रुपये हो गई है. जब बचत-सह-निवेश की बात आती है, तो पीएम मोदी सावधि जमा और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पर भरोसा करते हैं. उनके पास भारतीय स्टेट बैंक में 2.85 करोड़ रुपये की सावधि जमा रसीदें (एफडीआर) हैं. पीएम मोदी ने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में 9.12 लाख रुपये का निवेश किया है.

कैसे बढ़ता है पैसा?

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) एक सरकार समर्थित निश्चित आय निवेश योजना है जो डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध है. क्लियरटैक्स के अनुसार, यह 7.7% वार्षिक ब्याज दर, धारा 80सी के तहत कर लाभ और कम जोखिम वाला प्रोफ़ाइल प्रदान करता है. एनएससी में पांच साल की लॉक-इन अवधि होती है और शुरुआती निवेश 1,000 रुपये हो सकता है. एफडी और एनएससी में पीएम मोदी का कुल निवेश लगभग 3 करोड़ रुपये है. प्रधानमंत्री बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भारत में निवेश की मांग भी करते रहे हैं.

मोदी सरकार का प्रदर्शन

पिछले साल जून में अमेरिका में उन्होंने देश में हो रहे गहन परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए अमेरिकी कॉरपोरेट्स से कहा था कि "यह भारत में निवेश करने का समय है." संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय द्वारा मई में प्रकाशित एक पेपर के अनुसार, आर्थिक मापदंडों पर मोदी सरकार का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है. 

कुणाल सेन के पेपर में कहा गया है, "2014 में जब मोदी सत्ता में आए, तो आर्थिक विकास सुस्त था. हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामलों की एक लंबी लिस्ट थी. जिसकी वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास कम हो गया." "लेकिन 2014 और 2022 के बीच, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) प्रति व्यक्ति (प्रति व्यक्ति आय का एक माप) 5,000 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 7,000 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा हो गया. 

PM मोदी चेंजमेकर हैं?

मोदी एक चेंजमेकर हैं जो एफडी और एनएससी जैसे पारंपरिक बचत और निवेश साधनों में विश्वास करते हैं. उनके 2019 के चुनावी हलफनामे में 7.61 लाख रुपये के एनएससी और 1.28 करोड़ रुपये की सावधि जमा की भी जानकारी दी गई है. पीएम मोदी के 2019 के चुनावी हलफनामे में टैक्स-बचत साधन एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में 20,000 रुपये के निवेश का उल्लेख था, लेकिन 2024 के हलफनामे में किसी भी बॉन्ड में निवेश का कोई जिक्र नहीं था.

ये तमाम जानकारियां पीएम मोदी के वाराणसी से नामांकन के दौरान दिए हलफनामें में दी गई हैं. 

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15 May 2024, 07:01 AM IST

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