पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले गवर्नर सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, सियासी हलकों में हलचल तेज

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम हुआ है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दिल्ली में इस्तीफा सौंपा। कारणों को लेकर अब सियासी अटकलें तेज हैं।

calender

पश्चिम बंगाल की राजनीति में अचानक हलचल बढ़ गई है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राजभवन के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। बताया गया है कि उन्होंने दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपा। हालांकि इस्तीफे की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। इसी कारण सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।

नवंबर 2022 में बने थे राज्यपाल आनंद बोस

सीवी आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उस समय यह पद खाली हुआ था क्योंकि तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति चुने गए थे। उनके जाने के बाद बोस को यह जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। बोस करीब साढ़े तीन साल तक इस पद पर रहे। अब चुनाव से पहले उनका इस्तीफा नई चर्चा का विषय बन गया है।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और लेखक हैं बोस

सीवी आनंद बोस भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1977 बैच के अधिकारी रहे हैं। वह केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं। प्रशासनिक सेवा में उनका लंबा अनुभव रहा है। इसके अलावा वह एक लेखक भी हैं। उन्होंने अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी में करीब चालीस किताबें लिखी हैं। उन्हें जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी पहचान एक विद्वान अधिकारी के रूप में भी रही है।

मोदी सरकार की नीति समूह से जुड़े बोस

सीवी आनंद बोस एक अहम नीति समूह के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास का एजेंडा तैयार किया था। बताया जाता है कि किफायती आवास का विचार भी इसी समूह से सामने आया था। बाद में सरकार ने इस विचार को अपनी योजनाओं में शामिल किया। इस वजह से बोस को नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला अधिकारी भी माना जाता है।

चुनाव से पहले इस्तीफे पर सियासी अटकलें

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनाव से पहले यह इस्तीफा क्यों आया। इसकी वजह अभी तक साफ नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे बड़ा राजनीतिक संकेत मान रहे हैं। वहीं कुछ इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बता रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि नए राज्यपाल के आने के बाद बंगाल की राजनीति किस दिशा में जाएगी।

इस्तीफे के बाद बंगाल राजनीति में हलचल

राज्यपाल के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। चुनाव से पहले इस तरह का फैसला कई सवाल खड़े करता है। विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों इस पर अपने अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयान सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

ममता बनर्जी ने ट्वीट कर जताई नाराजगी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे की खबर से वह हैरान और चिंतित हैं। ममता ने कहा कि अभी तक उन्हें इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें जानकारी दी कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि इस फैसले में उनसे कोई सलाह नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम संविधान और संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ हैं। First Updated : Thursday, 05 March 2026