Swadeshi campaign: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर बड़े-बड़े बोर्ड लगाएं, जिन पर स्पष्ट लिखा हो, 'यहां केवल स्वदेशी सामान बिकता है.' उनका कहना था कि आगामी त्योहारी सीजन में यह अभियान और अधिक प्रभावशाली बन सकता है.
मोदी ने कहा कि नवरात्रि, विजयदशमी, धनतेरस और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार केवल सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी होने चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि हर भारतीय को एक मंत्र अपनाना चाहिए हम जो भी खरीदेंगे, वह मेड इन इंडिया होगा. प्रधानमंत्री के अनुसार, यही कदम आत्मनिर्भर भारत को सशक्त बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे.
प्रधानमंत्री ने व्यवसायियों को सलाह दी कि वे विदेशी वस्तुओं का व्यापार न करें. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम देश की प्रगति और आर्थिक सशक्तिकरण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. उनके अनुसार, दुकानदारों को गर्व के साथ यह घोषणा करनी चाहिए कि मेरे यहां केवल स्वदेशी बिकता है.
मोदी अपने कार्यकाल के दौरान लगातार वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया अभियानों को आगे बढ़ाते रहे हैं. विपक्ष हालांकि इस दावे को चुनौती देता रहा है और कहता है कि विनिर्माण क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई. फिर भी, हाल ही में बढ़ते वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बीच, मोदी का यह नया स्वदेशी आह्वान और अधिक प्रासंगिक हो गया है.
प्रधानमंत्री का यह भाषण ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. यह पहले से लागू 25% टैरिफ के अतिरिक्त होगा. अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर दंड के रूप में यह कदम उठाने की बात कही है. भारत ने इस तर्क को खारिज करते हुए अपनी संप्रभुता और स्वतंत्र व्यापार नीति पर जोर दिया है.
हाल ही में भारत और रूस के बीच संबंधों में नज़दीकी देखी गई है, वहीं चीन के साथ रिश्तों में भी कुछ नरमी आई है. ऐसे माहौल में स्वदेशी अभियान न केवल आर्थिक, बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है.
स्वदेशी आंदोलन को केवल आर्थिक सशक्तिकरण ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद और सुरक्षा से भी जोड़ा जा रहा है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन पर लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे देश की रक्षा के लिए स्वदेशी वस्तुएं खरीदेंगे.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विदेशी कंपनियों से परहेज करने का कारण बताया. उनके अनुसार, विदेशी उत्पादों से अर्जित लाभ का उपयोग आतंकवाद, नक्सलवाद, धर्मांतरण और लव जिहाद जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में हो रहा है. उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है.
First Updated : Monday, 25 August 2025