चुनाव सुधार से जुड़ी संस्था ADR ने राज्यसभा सांसदों पर एक रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट 229 सांसदों के हलफनामों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें हाल ही में चुने गए 37 सदस्य भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सांसदों की संपत्ति और आपराधिक मामलों की तस्वीर सामने आई है। यह डेटा राजनीति की असली स्थिति दिखाता है। कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 73 सांसदों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। यह कुल का लगभग 32 प्रतिशत है। इनमें से 36 सांसद गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। कुछ मामलों में हत्या और हत्या के प्रयास जैसे आरोप भी शामिल हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले भी सामने आए हैं। ये आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।
रिपोर्ट में पार्टियों के हिसाब से भी आंकड़े दिए गए हैं। भाजपा के 99 में से 27 सांसदों पर केस हैं। कांग्रेस के 28 में से 12 सांसदों ने केस बताए हैं। तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के भी कई सांसद इस सूची में हैं। माकपा और बीआरएस के सांसद भी इससे अछूते नहीं हैं। यानी लगभग हर पार्टी प्रभावित है।
रिपोर्ट के मुताबिक 31 सांसद अरबपति हैं। यह कुल का करीब 14 प्रतिशत हिस्सा है। भाजपा, कांग्रेस, वाईएसआरसीपी और अन्य दलों के सांसद इसमें शामिल हैं। राज्यसभा सांसदों की औसत संपत्ति 120.69 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह आंकड़ा बताता है कि राजनीति में पैसे का प्रभाव कितना बढ़ चुका है।
औसत संपत्ति के हिसाब से आम आदमी पार्टी के सांसद सबसे आगे हैं। उनके सांसदों की औसत संपत्ति 574 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके बाद वाईएसआरसीपी और समाजवादी पार्टी का स्थान आता है। कांग्रेस और भाजपा भी इस सूची में शामिल हैं। अलग-अलग दलों में संपत्ति का बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
बीआरएस के सांसद Bandi Parthasarathi सबसे अमीर हैं। उन्होंने करीब 5,300 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। उनके बाद आम आदमी पार्टी के राजेंद्र गुप्ता और वाईएसआरसीपी के अयोध्या रामिरेड्डी का नाम आता है। इनकी संपत्ति भी हजारों करोड़ में है। यह आंकड़े हैरान कर देते हैं।
दूसरी तरफ कुछ सांसद ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति बहुत कम है। आम आदमी पार्टी के Sant Balbir Singh सबसे नीचे हैं। उनकी संपत्ति करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। इसके बाद मणिपुर के महाराजा सजोओबा लिशेंबा और तृणमूल के प्रकाश बरैक का नाम आता है। यह अंतर राजनीति की असमानता दिखाता है। First Updated : Friday, 20 March 2026