UAE पर हमले के बाद भारत का बड़ा स्टैंड, पीएम मोदी ने कहा- हम हर हाल में आपके साथ खड़े हैं

पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है. इस मुश्किल समय में अमीरात के साथ एकजुटता जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत कर यह कहा कि भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के समर्थन में मजबूती से खड़ा है.

पीएम मोदी ने की हमलों की निंदा 

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि भारत इस चुनौतीपूर्ण समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है और क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करता है. प्रधानमंत्री ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए वहां की सरकार का आभार भी जताया.

दरअसल, ईरान ने शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के जवाब में यूएई सहित कई पश्चिम एशियाई देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इन हमलों के पीछे की पृष्ठभूमि में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत बताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है.

यूएई में कितने भारतीय नागरिक रहते हैं? 

यूएई में करीब 40 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ भारत को हर साल अरबों डॉलर की धनराशि भेजते हैं. यूएई भारत के लिए ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत और अहम व्यापारिक साझेदार भी है, दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार 100 अरब डॉलर से अधिक का है. हालिया हमलों में घायल हुए 58 विदेशी नागरिकों में एक भारतीय भी शामिल है, जबकि बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के कुछ नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है.

इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी से बातचीत कर मौजूदा हालात पर चर्चा की. ओमान ने ईरान और अमेरिका के बीच पहले भी कूटनीतिक संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसलिए इस बातचीत को क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयासों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

भारत का संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख 

भारत ने पूरे घटनाक्रम पर संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने सभी संबंधित देशों से संयम बरतने, तनाव को और न बढ़ाने व संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है. साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया गया है.

पश्चिम एशिया में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के कई देशों में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

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