Bihar Assembly elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच महागठबंधन में शामिल दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. गठबंधन में एकजुटता दिखाने की कोशिशें तो जारी हैं, लेकिन कई सीटों पर सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. इससे फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन गई है, जो भविष्य में गठबंधन की एकता को कमजोर कर सकती है.
महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख भूमिका में है. पार्टी ने सबसे ज्यादा 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. इसके बाद कांग्रेस ने 62 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है. भाकपा माले ने 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) 14 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
हालांकि कई सीटों पर गठबंधन दलों के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बन रही है. ये हैं वे प्रमुख सीटें जहां फ्रेंडली फाइट देखने को मिल रही है:
बछवाड़ा: सीपीआई से अवधेश राय, कांग्रेस से गरीब दास
चैनपुर: वीआईपी से गोविंद बिंद, राजद से बृज किशोर बिंद
नरकटियागंज: आरजेडी से दीपक यादव, कांग्रेस से शाश्वत केदार पांडेय
लालगंज: आरजेडी से शिवानी शुक्ला, कांग्रेस से आदित्य कुमार राजा
वैशाली: आरजेडी से अजय कुशवाहा, कांग्रेस से ई. संजीव सिंह
सुल्तानगंज: आरजेडी से चंदन सिन्हा, कांग्रेस से ललन यादव
कहलगांव: आरजेडी से रजनीश भारती, कांग्रेस से प्रवीण सिंह कुशवाहा
सिकंदरा: आरजेडी से उदय नारायण चौधरी, कांग्रेस से विनोद चौधरी
आरजेडी ने टकराव की संभावनाओं को कम करने की दिशा में कुछ कदम भी उठाए हैं. पार्टी ने कुटुंबा (आरक्षित) सीट से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जहां से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार राम चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि, पार्टी के उम्मीदवार लालगंज, कहलगांव और वैशाली जैसी सीटों पर अब भी कांग्रेस से सीधी टक्कर में हैं.
तारापुर सीट पर वीआईपी और राजद के बीच संघर्ष की स्थिति बनती दिख रही थी. इस सीट पर एनडीए ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टिकट दिया है. वीआईपी के उम्मीदवार सकलदेव बिंद को पार्टी का समर्थन नहीं मिला, जिससे नाराज होकर उन्होंने नामांकन वापस ले लिया और भाजपा में शामिल हो गए.
चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 243 सीटों में से 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा. इस चरण में 1,314 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. नामांकन पत्रों की जांच के बाद 300 से अधिक पर्चे खारिज कर दिए गए, जबकि 61 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया. First Updated : Tuesday, 21 October 2025