Manipur News: मणिपुर के चांडेल जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा बलों ने एक सफल आतंकरोधी अभियान चलाते हुए 10 उग्रवादियों को मार गिराया. इस कार्रवाई के दौरान सेना को भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा हाथ लगा है, जिसमें एके-47 राइफल, आरपीजी लॉन्चर और अन्य युद्धक सामग्री शामिल हैं.
सेना ने बताया कि यह अभियान खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें उग्रवादियों की गतिविधियों की पुष्टि हुई थी. यह मुठभेड़ बुधवार को चांडेल के न्यू समताल गांव के पास हुई, जो मणिपुर की राजधानी इंफाल से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित एक दुर्गम आदिवासी इलाका है.
भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि मारे गए सभी उग्रवादी वर्दी में थे और उन्होंने गश्त कर रहे असम राइफल्स के जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी. “सैनिकों ने असाधारण संयम और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हुए सटीक और नियंत्रित प्रतिक्रिया दी,” सेना ने अपने बयान में कहा.
सेना ने मुठभेड़ स्थल से सात एके-47 राइफल, एक एम4 राइफल, एक आरपीजी लॉन्चर और चार सिंगल बैरल ब्रीच-लोडिंग राइफल्स बरामद की हैं. इसके अलावा बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य युद्धक सामग्री भी जब्त की गई है. इन हथियारों की मौजूदगी से इस बात की पुष्टि होती है कि ये उग्रवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे.
सेना ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार मारे गए उग्रवादी सीमा पार से सक्रिय विद्रोही संगठनों से जुड़े हो सकते हैं. मणिपुर की म्यांमार से लगी 398 किलोमीटर लंबी सीमा लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील मानी जाती रही है. दुर्गम भूगोल और सीमावर्ती इलाकों की जटिलता के चलते यहां उग्रवादी समूह अक्सर शरण लेते हैं और गतिविधियों को अंजाम देते हैं.
सेना ने कहा कि मुठभेड़ के बाद भारत-म्यांमार सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है. "सुरक्षा बल मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं और शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नागरिक प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय में कार्य कर रहे हैं." First Updated : Saturday, 17 May 2025