छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बच्चों को शराब और नींद का इंजेक्शन देकर हत्या, सुसाइड नोट ने किया खौफनाक खुलासे
छत्तीसगढ़ के मोहन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आर्य नगर में बीते दिनों एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में सुसाइड नोट से बेहद चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है.

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक रूह कंपा देने वाली दास्तान सामने आई है. जिसने समाज और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है. मोहन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आर्य नगर में बीते दिनों एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिसिया तफ्तीश और सुसाइड नोट से बेहद चौंकाने वाली सच्चाई उजागर हुई है. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतका चंचल साहू के सुसाइड नोट को मुख्य आधार बनाते हुए, दोनों मृत मासूम बच्चों की हत्या के आरोप में उनके ही मृत माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इस पूरी वारदात का सबसे क्रूर और अमानवीय पहलू यह रहा कि सगे माता-पिता ने अपने ही बच्चों को मारने से पहले उन्हें तड़पने से बचाने के लिए जबरन शराब पिलाई थी.
बेसुध करने के लिए बच्चों को दिया भारी नशा
पुलिस जांच के मुताबिक, मृतका चंचल साहू (40 वर्ष) के कमरे से बरामद हुए सुसाइड नोट ने इस खौफनाक हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है. चंचल ने जान देने से ठीक पहले लिखे अपने अंतिम खत में स्पष्ट किया था कि उसने और उसके पति गोविंद कुंवर साहू (45 वर्ष) ने मिलकर अपनी 13 वर्षीय बेटी दृष्णा साहू और 11 वर्षीय बेटे यशांक साहू को रास्ते से हटाने की पूरी पटकथा पहले ही तैयार कर ली थी.
नशीली शराब पिलाई
बच्चों का गला घोंटने से पहले उन्हें नशीली शराब पिलाई गई. जब बच्चों के सिर पर नशा चढ़ने लगा और वे बेसुध होने लगे, तो उन्हें नींद का एक बेहद भारी इंजेक्शन दे दिया गया ताकि वे पूरी तरह अचेत हो जाएं और मौत के वक्त किसी भी तरह का शारीरिक प्रतिरोध न कर सकें. इसके बाद जब दोनों मासूम गहरी और बेसुध नींद में सो गए, तब माता-पिता ने बेरहमी से उनका गला घोंटकर उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया. डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह साबित हुआ है कि दोनों बच्चों की मौत दम घुटने के कारण ही हुई थी.
मासूमों की जान लेने के बाद खुद लगा ली फांसी
जांच में यह बात सामने आई है कि 21 मई 2026 की खौफनाक रात को अपने ही जिगर के टुकड़ों को मौत के घाट उतारने के बाद, कातिल पति-पत्नी ने अलग-अलग कमरों का रुख किया. पति गोविंद साहू घर के स्टडी रूम में चला गया और चंचल साहू बेडरूम में रुकी, जहां दोनों ने नायलॉन की मजबूत रस्सी का फंदा तैयार कर पंखे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. अगले दिन सुबह जब काफी देर तक कमरों के दरवाजे नहीं खुले, तब गोविंद की वृद्ध मां धनवंतीन साहू ने कमरा खोला. जिसके बाद इस सामूहिक मौत का भयानक नजारा सबके सामने आया.
शराब की लत बनी वजह
सुसाइड नोट से पता चला है कि इस खौफनाक कदम के पीछे भयंकर पारिवारिक कलह और शक की बीमारी मुख्य वजह थी. मृतका चंचल अपने पति गोविंद के चरित्र पर गहरा शक करती थी. वहीं गोविंद को अत्यधिक शराब पीने की लत थी. इसी वजह से घर के भीतर आए दिन हिंसक और मानसिक झगड़े होते रहते थे. रोज-रोज के इस नरक से तंग आकर दंपत्ति ने एक राय होकर इस आत्मघाती कदम को अंजाम दे डाला. मोहन नगर थाना पुलिस ने मृत दंपत्ति के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.


