नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एक छात्रा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने साथ हुए कथित अन्याय और दबाव की शिकायत कर रही है. वीडियो में युवती आरोप लगाती है कि उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रोफेसर के खिलाफ वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद विभागाध्यक्ष (एचओडी) ने उसे अपने केबिन में बुलाकर वीडियो हटाने का दबाव बनाया.
वीडियो में छात्रा की भावनाएं और रोष साफ दिखाई दे रहे हैं. युवती का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कुछ छात्रों ने उसके खिलाफ मिलकर काम किया, जिससे उसे मानसिक तनाव और उत्पीड़न झेलना पड़ा.
छात्रा ने वीडियो में बताया कि वह सारी रील्स जो तुमने प्रोफेसर के खिलाफ पोस्ट की थी, वो डिलीट कर दो. तुम इस यूनिवर्सिटी का बस एक छोटा सा हिस्सा हो चित्रा. हम लोग तुम्हारा बहुत कुछ बिगाड़ सकते हैं. उसके अनुसार संबंधित प्रोफेसर ने उसका एडमिट कार्ड भी नहीं दिया.
वीडियो में छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके क्लास के कुछ छात्र भी एचओडी के पास जाकर उसके खिलाफ बयान दे आए. वह कहती है, 7-8 बच्चे एचओडी के पास गए हैं और बोले हैं कि प्रोफेसर सही हैं, चित्रा ही गलत है. ये सभी 40-40 नंबर के इंटरनल अस्सेसमेंट के लिए बिक गए सारे बच्चे. ये है डीयू, वेलकम टू डीयू.
छात्रा ने कहा कि एचओडी ने उससे कहा कि वह जिस प्रोफेसर के खिलाफ रील डाली है, उसके रूम में जाकर बात करे. इस पर छात्रा ने साफ मना कर दिया, मैंने बोला कि उसके रूम में नहीं जाउंगी. मैं किसी प्रोफेसर के रूम में नहीं जाउंगी.
युवती ने रोते हुए कहा कि वह अपने किसी भी वीडियो को डिलीट नहीं करेगी और अपनी बात लोगों तक पहुंचाती रहेगी. यह वीडियो सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहा है. फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है.
First Updated : Saturday, 13 December 2025