दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और सीएम सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, मेल से मचा हड़कंप

दिल्ली के प्रतिष्ठित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और सीएम सचिवालय को निशाना बनाने की सनसनीखेज धमकी मिली है. ईमेल में धमाके का समय तक बताया गया है. जिसने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया. साइबर सेल इस ईमेल की गहराई से जांच में जुट गई है ताकि इस खतरे की सच्चाई का पता लगाया जा सके.

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Delhi Bomb Threat News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बम की धमकी ने हड़कंप मचा दिया है. इस बार निशाने पर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) और मुख्यमंत्री सचिवालय हैं. दोनों संस्थानों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्यवाही शुरू कर दिया. धमकी भरा मेल मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS), दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच अभियान शुरू कर दिया गया. फिलहाल दोनों स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है जबकि साइबर सेल इस मेल की असलियत खंगालने में जुटी है.

मेल में बताए गए धमाके के समय

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के लिए भेजे गए ईमेल में धमाके का समय दोपहर 2:45 बजे, जबकि सीएम सचिवालय के लिए 3:30 बजे बताया गया है. इससे पहले कि कोई अनहोनी हो प्रशासन ने SOP (Standard Operating Procedure) के तहत त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी.

दोनों स्थानों पर चल रहा सघन तलाशी अभियान

जैसे ही मेल प्राप्त हुआ. बम स्क्वॉड और पुलिस बल तुरंत दोनों स्थानों पर तैनात कर दिए गए. मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज में जांच की निगरानी आईपी एस्टेट के एटीओ कर रहे हैं वहीं सचिवालय परिसर की निगरानी में एडिशनल डीसीपी सेंट्रल, एसीपी कमला मार्केट और आईपी एस्टेट के एसएचओ मौजूद हैं. हम पूरी गंभीरता से मेल की जांच कर रहे हैं. तलाशी अभियान जारी है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है.

मेल की जांच में जुटी साइबर सेल

फिलहाल दिल्ली पुलिस की साइबर सेल धमकी भरे मेल की टेक्निकल ट्रेसिंग कर रही है. प्रारंभिक जांच में यह मेल पिछले कुछ समय में मिले फर्जी धमकी भरे मेल (Hoax Mail) से मेल खाता प्रतीत हो रहा है. इसी कारण DDMA, ट्रैफिक पुलिस और स्पेशल सेल को भी अलर्ट पर रखा गया है.

पुरानी धमकियां

दिल्ली में इस तरह के ईमेल द्वारा बम धमकी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं लेकिन अधिकतर मामलों में जांच के बाद मेल फर्जी पाए गए. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं ले रही हैं और SOP के तहत हर दिशा में जांच जारी है. First Updated : Tuesday, 09 September 2025