दिल्ली में फिर सक्रिय हुआ कच्छा-बनियान गैंग, कारोबारी के घर से 1.25 करोड़ की चोरी, CCTV में कैद हुए बदमाश
दक्षिणी दिल्ली में एक बार फिर कुख्यात कच्छा-बनियान गिरोह सक्रियता हो गया है. वसंत कुंज इलाके में बदमाशों ने एक कारोबारी के घर को निशाना बनाते हुए नकदी, सोने-चांदी और हीरे के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया.

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली में एक बार फिर कुख्यात कच्छा-बनियान गिरोह की सक्रियता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वसंत कुंज इलाके में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बदमाशों ने एक कारोबारी के घर को निशाना बनाते हुए नकदी, सोने-चांदी और हीरे के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया. चोरी की कुल कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है. खास बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने के भीतर इसी तरह की यह दूसरी बड़ी घटना है.
इस घटना की तस्वीरें और गतिविधियां सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी और फील्ड दोनों स्तर पर जांच जारी है.
रात में घर में घुसे बदमाश
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित कारोबारी अमिताभ प्रसाद अपने परिवार के साथ वसंत कुंज के एक मकान में रहते हैं. शिकायत के अनुसार, 16 जून की रात पूरा परिवार खाना खाने के बाद सो गया था. रात करीब ढाई बजे बदमाश घर में दाखिल हुए. सबसे पहले उन्होंने उन कमरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, जहां परिवार के सदस्य सो रहे थे. इसके बाद चोरों ने आराम से घर की तलाशी ली और नकदी के साथ-साथ कीमती गहने समेटकर फरार हो गए. सुबह जब परिवार के लोग जागे तो उन्हें पता चला कि कमरे बाहर से बंद हैं. दरवाजा खुलने के बाद घर में चोरी की जानकारी सामने आई.
47 दिनों में दूसरी बड़ी घटना
पुलिस के लिए चिंता की बात यह है कि इसी तरह की एक और बड़ी चोरी कुछ सप्ताह पहले सर्वोदय एन्क्लेव इलाके में हुई थी. उस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था. अब वसंत कुंज में लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में उसी तरीके से हुई नई वारदात ने यह संकेत दिया है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय हो सकते हैं. इसी वजह से पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है.
दिन में करते हैं रेकी, रात में देते हैं वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य दिन के समय अलग-अलग बहानों से कॉलोनियों में घूमते हैं. कई बार वे गुब्बारे, खिलौने या अन्य सामान बेचने वाले बनकर इलाके की जानकारी जुटाते हैं. रात होने पर वे पार्कों या सुनसान जगहों पर छिपे रहते हैं और तड़के चोरी की योजना को अंजाम देते हैं. पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले आरोपी केवल कच्छा और बनियान पहनते हैं तथा शरीर पर तेल या ग्रीस लगा लेते हैं ताकि पकड़े जाने पर आसानी से फिसलकर भाग सकें. इसके अलावा शोर से बचने के लिए मोजे पहनते हैं और पहचान छिपाने के लिए दस्तानों का इस्तेमाल करते हैं.
फुटेज में दिखे कई संदिग्ध
पुलिस को आसपास के सीसीटीवी कैमरों से महत्वपूर्ण फुटेज मिली है. वीडियो में चार से पांच संदिग्ध सोसायटी के गेट से अंदर आते और पीछे की गलियों में घूमते दिखाई दे रहे हैं. सभी संदिग्धों ने केवल कच्छा और बनियान पहन रखी थी, जो इस गिरोह की पहचान मानी जाती है. पुलिस अब उनके आने-जाने के रास्तों की जांच कर रही है और फुटेज के जरिए उनकी पहचान करने में जुटी है.


