TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह! अभिषेक बनर्जी की लग्जरी यात्रा पर मचा सियासी बवाल, नेताओं ने जताई नाराजगी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद चर्चा में है. पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति के बीच वरिष्ठ नेताओं ने अभिषेक बनर्जी की यात्रा और खर्चों को लेकर सवाल उठने लगे है. पार्टी के कुछ नेताओं ने उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर सवाल उठाए हैं.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है. राज्य की पूर्व सत्ताधारी पार्टी कई चुनौतियों का सामना कर रही है और संगठन के भीतर असंतोष की आवाजें भी खुलकर सामने आने लगी हैं. पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कानूनी कार्रवाई चल रही है, जबकि कुछ नेताओं के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी की आशंका भी बनी हुई है. ऐसे माहौल में अब पार्टी के अंदर नेतृत्व की कार्यशैली और खर्चों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. राजनीतिक और संगठनात्मक दबाव के बीच पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखनी शुरू कर दी है.
हाल के दिनों में पार्टी के भीतर मतभेद पहले से अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं. कई नेता मानते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में संगठन को जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए. मुश्किल में फंसे कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद भी नहीं मिल रही है. इसी बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की लग्जरी लाइफस्टाइल और प्राइवेट जेट यात्रा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. दिल्ली दौरे के दौरान उनके चार्टर्ड विमान के इस्तेमाल को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई है.
चार्टर्ड फ्लाइट को लेकर उठे सवाल
शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि इस यात्रा के लिए उन्होंने चार्टर्ड विमान का उपयोग किया. इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि यात्रा का खर्च पार्टी फंड से वहन किया गया है, तो वह इससे सहमत नहीं हैं.
अभिषेक बनर्जी ने दिया जवाब
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जब अभिषेक बनर्जी से इस विषय पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने शांत अंदाज में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि लोग उनकी यात्रा और आने-जाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन यदि कोई उन्हें लिखित सुझाव देता है तो वह उस पर विचार कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के सहयोगियों को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है और वह किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते.
बागी नेताओं ने भी साधा निशाना
पार्टी के असंतुष्ट खेमे के कुछ नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी. विधानसभा परिसर में बातचीत के दौरान कुछ नेताओं ने बिना नाम लिए महंगी यात्राओं और खर्चों पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब कई कार्यकर्ता कानूनी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हों, तब संगठन के वरिष्ठ नेताओं को सादगी का संदेश देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कई कार्यकर्ता अपने संसाधनों से संघर्ष कर रहे हैं.
कुछ नेताओं ने दावा किया कि कई कार्यकर्ता और स्थानीय नेता अदालती मामलों और अन्य खर्चों के कारण आर्थिक दबाव में हैं. ऐसे समय में पार्टी के संसाधनों के उपयोग को लेकर अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता महसूस की जा रही है. नेताओं का मानना है कि संगठन को अपने कार्यकर्ताओं के समर्थन और कानूनी सहायता के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए.
पहले भी उठ चुके हैं खर्चों पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब अभिषेक बनर्जी की यात्रा और जीवनशैली को लेकर चर्चा हुई हो. इससे पहले भी उनके निजी विमान और हेलीकॉप्टर के उपयोग को लेकर राजनीतिक विरोधी और कुछ पार्टी नेता सवाल उठाते रहे हैं. चुनावी हलफनामों और उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, चुनावी अभियानों के दौरान निजी विमानों का इस्तेमाल किया गया था. इस विषय पर समय-समय पर राजनीतिक बहस भी होती रही है.
जानकारी के अनुसार, जिस विमान का उपयोग किया जाता है वह आधुनिक सुविधाओं से लैस एक बिजनेस जेट है. ऐसे विमानों का संचालन खर्च काफी अधिक माना जाता है. विमान के उड़ान समय, एयरपोर्ट शुल्क, पार्किंग और अन्य तकनीकी खर्चों को जोड़ने पर यात्रा की कुल लागत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. यही कारण है कि पार्टी के भीतर कुछ नेता इस तरह की यात्राओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं. दूसरी ओर, समर्थकों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं की व्यस्त राजनीतिक जिम्मेदारियों को देखते हुए ऐसे साधनों का उपयोग असामान्य नहीं है.


