Delhi Metro Phase 4: 6 महीने में बदल जाएगी राजधानी की रफ्तार, जनकपुरी से मंगोलपुरी तक दौड़ेगी नई मेट्रो
दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम, तुगलकाबाद-एयरोसिटी और मजलिस पार्क-मौजपुर जैसे नए कॉरिडोर जल्द शुरू होने वाले हैं, जिससे राजधानी के लाखों लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो का फेज-4 प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में राजधानी के कई नए इलाकों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने वाली है. इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम से भी काफी राहत मिलेगी.
फेज-4 में बन रहे हैं तीन बड़े कॉरिडोर
दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में तीन प्रमुख कॉरिडोर पर काम चल रहा है. इनमें जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग, तुगलकाबाद से एयरोसिटी और मजलिस पार्क से मौजपुर तक के रूट शामिल हैं. इन रूटों के शुरू होने से राजधानी के कई ऐसे इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जहां अब तक आवागमन की सुविधाएं सीमित थी.
जनकपुरी से आरके आश्रम तक आसान सफर
करीब 29 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, मधुबन चौक, प्रशांत विहार और हैदरपुर जैसे क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे आउटर दिल्ली के लोगों का सेंट्रल दिल्ली तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा.
एयरपोर्ट पहुंचना होगा और भी आसान
तुगलकाबाद से एयरोसिटी तक बनने वाली गोल्डन लाइन दक्षिण दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच यात्रा को तेज बनाएगी. इस रूट के शुरू होने के बाद यात्रियों को लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे कम समय में एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे.
2 घंटे का सफर होगा 40 मिनट में
फेज-4 के शुरू होने के बाद कई रूटों पर यात्रा का समय आधे से भी कम हो जाएगा. जिन यात्रियों को सड़क मार्ग से डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, वे मेट्रो के जरिए 30 से 40 मिनट में अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे. इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों का काफी समय बचेगा.
छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ा फायदा
नई मेट्रो लाइनों का सबसे ज्यादा लाभ छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा. दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, जामिया और विभिन्न कॉर्पोरेट हब तक पहुंचना आसान हो जाएगा. इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा और यात्रा सुविधा में भी सुधार देखने को मिलेगा.
कब शुरू होंगे नए रूट?
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार कुछ एलिवेटेड सेक्शन और मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर के हिस्सों पर ट्रायल लगभग पूरे हो चुके हैं. इन रूटों के कुछ भाग 2026 के दौरान यात्रियों के लिए खोले जा सकते हैं, जबकि पूरी परियोजना को 2027 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि परियोजना से बड़े फायदे होंगे, लेकिन लास्ट माइल कनेक्टिविटी, इंटरचेंज स्टेशनों पर लंबी पैदल दूरी और बढ़ती भीड़ जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देना होगा.


