दिल्ली को मिलेगी नई हाई सिक्योरिटी जेल: नरेला में होगा निर्माण, तिहाड़ का लोड होगा कम
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 100 करोड़ रुपये है। इसमें से फंडिंग भारत सरकार के गृह मंत्रालय करेगी। बाकी खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बाहरी दिल्ली के नरेला में बनने वाली एक अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का शिलान्यास किया। आर.के. पुरम में हुए कार्यक्रम से उन्होंने ऑनलाइन बटन दबाकर निर्माण कार्य शुरू किया। ये जेल देश की सबसे आधुनिक जेलों में से एक होगी और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को नया लेवल देगी।
100 करोड़ की लागत से बनेगी जेल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 100 करोड़ रुपये है। इसमें से फंडिंग भारत सरकार के गृह मंत्रालय करेगी। बाकी खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। जेल के शुरू होने के बाद तिहाड़ जेल पर कैदियों का दबाव कम होगा। वहां भी जगह खाली होने से कैदियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। नई जेल में 250 से ज्यादा कैदियों को रखने की क्षमता होगी।
टेक्नोलॉजी से लैस होगी पूरी जेल
ये जेल पारंपरिक जेलों जैसी नहीं होगी। इसे पूरी तरह ग्लोबल सुरक्षा मानकों और नई टेक्नोलॉजी के आधार पर बनाया जाएगा। जेल का डिजाइन रेडियल-एक्सियल होगा। इसका मतलब है कि सेंट्रल कंट्रोल पॉइंट से हर विंग पर नजर रखी जा सकेगी। हर कैदी के लिए अलग-अलग सेल बनाए जाएंगे। इससे गैंग बनने, आपसी संपर्क और सुरक्षा खतरे की संभावना काफी कम हो जाएगी।
सुरक्षा के लिए यहां कई आधुनिक सिस्टम लगाए जाएंगे:
- AI आधारित CCTV मॉनिटरिंग: कैदियों और स्टाफ की हर गतिविधि पर नजर।
- बॉडी-वॉर्न कैमरे और बायोमीट्रिक एक्सेस: जेल स्टाफ की एंट्री सिर्फ फिंगरप्रिंट और चेहरे से।
- ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम: जरूरत पड़ते ही पूरे ब्लॉक को लॉक किया जा सकेगा।
- फुल बॉडी स्कैनर और एक्स-रे बैगेज स्कैनर: सामान और मुलाकातियों की सख्त जांच।
- मोबाइल सिग्नल जैमर: जेल के अंदर से फोन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद।
- एंटी-टनलिंग तकनीक: सुरंग खोदकर भागने की कोशिश नाकाम होगी।
- इन-हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग: कैदियों को पेशी के लिए बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा।
- कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: पूरे परिसर की रियल टाइम मॉनिटरिंग।
तिहाड़ के बाद दिल्ली की दूसरी बड़ी जेल
तिहाड़ जेल में लगातार कैदियों की संख्या बढ़ने से जगह की कमी हो रही थी। नरेला की ये नई जेल उसी दबाव को कम करेगी। साथ ही हाई रिस्क और आतंकी मामलों के कैदियों को यहां शिफ्ट करने की योजना भी है।
अमित शाह ने कहा कि ये जेल सिर्फ कैद की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा और टेक्नोलॉजी का मॉडल होगी। इसके बनने के बाद दिल्ली की जेल व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।


