नई दिल्ली: दिल्ली के लालकिला के पास हुए बम विस्फोट की जांच में चौंकाने वाला मोड़ आया है. गिरफ्तार संदिग्ध मुजम्मिल अहमद गनई ने जांच एजेंसियों को बताया कि सहआरोपी शाहीन शाहिद उसकी पत्नी है, न कि केवल प्रेमिका. यह खुलासा न केवल मामले के मानवीय पहलू को उजागर करता है, बल्कि शाहीन द्वारा मुजम्मिल को भारी-भरकम पैसा उपलब्ध कराने के पीछे की वजह को भी समझने में मदद करता है.
मुजम्मिल के इस दावे ने जांच के दिशा-निर्देश बदल दिए हैं. अब एजेंसियां शाहीन और उसके वित्तीय योगदान को और गहराई से खंगाल रही हैं, ताकि साजिश के सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके.
एक रिपोर्ट के अनुसार, मुजम्मिल ने पूछताछ में दावा किया कि सितंबर 2023 में अल-फलाह विश्वविद्यालय के निकट एक मस्जिद में उसका शाहीन के साथ निकाह हुआ था. इस निकाह में शरिया कानून के अनुसार महर की राशि 5,000 से 6,000 रुपये तय की गई थी.
जांच के अनुसार, शाहीन ने 2023 में मुजम्मिल को हथियार खरीदने के लिए करीब 6.5 लाख रुपये दिए, जबकि 2024 में उमर को फोर्ड इकोस्पोर्ट कार खरीदने के लिए 3 लाख रुपये का लोन दिया. कुल मिलाकर, जैश-ए-मोहम्मद के इस मॉड्यूल को हथियारों और विस्फोटकों की खरीद के लिए 27 से 28 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए. शाहीन ने इन धनराशियों को पूछताछ में 'जकात' यानी धार्मिक दान के रूप में पेश किया.
जांच में नई गिरफ्तारी और हथियारों का जाल
एनआईए ने इस साजिश की जांच के दौरान सातवीं गिरफ्तारी की है. फरीदाबाद के धौज निवासी शोइब को गिरफ्तार किया गया, जिस पर आरोप है कि उसने 10 नवंबर को हुए हमले से ठीक पहले उमर को रहने की जगह और लॉजिस्टिक समर्थन दिया.
साथ ही, एजेंसियां दक्षिण कश्मीर में सक्रिय हथियारों की आपूर्ति प्रणाली की भी जांच कर रही हैं. बारामूला, श्रीनगर, अनंतनाग और गंदरबल में 2016 से सक्रिय 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' पाकिस्तान स्थित संचालकों के निर्देश पर हथियारों की आपूर्ति और बिक्री करते रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार इन्हीं मॉड्यूलों ने मुजम्मिल और उमर को हमले में इस्तेमाल होने वाले असॉल्ट हथियार उपलब्ध कराए.
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली बम विस्फोट की साजिश में शामिल संदिग्धों को पकड़ने के लिए देशभर में लगातार कार्रवाई जारी है. इस घटना ने हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और आतंकी गतिविधियों को वित्तीय व लॉजिस्टिक समर्थन देने वाले गुप्त नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है. जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं को गहराई से खंगाल रही हैं, ताकि साजिश के सभी सूत्रधारों तक पहुंचा जा सके. First Updated : Thursday, 27 November 2025