NCR में बारिश बनी जानलेवा, दो दिनों में 10 लोगों की मौत ने उजागर की सिस्टम की लापरवाही

 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मानसून की तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगहों पर जलभराव और सुरक्षा इंतजामों की कमी जानलेवा साबित हुई. सबसे दर्दनाक घटना नोएडा के सेक्टर-58 क्षेत्र में सामने आई, जहां एक निजी कंपनी में कार्यरत युवा इंजीनियर आर्यन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मानसून की तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगहों पर जलभराव और सुरक्षा इंतजामों की कमी जानलेवा साबित हुई. पिछले दो दिनों में नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, फरीदाबाद और सोनीपत समेत कई इलाकों में अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल है. इन घटनाओं ने बारिश के मौसम में प्रशासनिक तैयारियों और बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

नोएडा में हुई दर्दनाक घटना 

सबसे दर्दनाक घटना नोएडा के सेक्टर-58 क्षेत्र में सामने आई, जहां एक निजी कंपनी में कार्यरत युवा इंजीनियर आर्यन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि जलभराव के कारण वह नाले पर बनी स्लैब से गुजर रहे थे. इसी दौरान पास के बिजली के खंभे में करंट आने की आशंका के बीच उनका संतुलन बिगड़ा और वह नाले में गिर गए. परिजनों ने इस घटना के लिए स्थानीय प्राधिकरण और बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

गड्ढे में बरामद हुआ बच्चे का शव 

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में छह वर्षीय एक बच्चे का शव बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे से बरामद हुआ. वहीं हापुड़ में रेलवे लाइन के पास जलभराव वाले गड्ढे में एक व्यक्ति मृत मिला. फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बारिश के पानी से भरे मैदान में नहाने उतरा आठ वर्षीय छात्र डूब गया, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

बारिश में डूबकर कर व्यक्ति की हुई मौत 

उधर, सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भर जाने से एक युवक की डूबकर मौत हो गई. मामले में पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है. आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे.

इन घटनाओं के बाद प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले जलनिकासी, खुले नालों, गड्ढों और बिजली के खंभों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती तो कई हादसों को रोका जा सकता था. फिलहाल विभिन्न मामलों की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा जा रहा है. First Updated : Saturday, 11 July 2026