नई दिल्ली: शनिवार शाम अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में तेज भूकंप आया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई। भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 7:04 बजे आया और इसकी गहराई 215 किलोमीटर थी। गहराई ज्यादा होने की वजह से झटके पाकिस्तान, उत्तर-पश्चिम भारत, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान तक महसूस किए गए। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
इस भूकंप का केंद्र उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में कलाफगन से करीब 81 किलोमीटर दूर था। वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा गहराई वाले भूकंप का असर बड़े इलाके में होता है, लेकिन सतह पर नुकसान की आशंका कम रहती है। फिर भी 6.2 तीव्रता को शक्तिशाली भूकंप माना जाता है। इसका असर लोकेशन और वहां के बुनियादी ढांचे पर निर्भर करता है।
पिछले 24 घंटों में इस इलाके में कई बार धरती हिली है। 27 जून को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सुबह 11:38 बजे 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था। यह सिर्फ 5 किलोमीटर गहराई पर था और इसका केंद्र धर्मशाला से 22 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। कम तीव्रता होने से कोई नुकसान नहीं हुआ।
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर EMSC के अनुसार, पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में चार भूकंप आए। इनमें सबसे तेज 5.5 तीव्रता का झटका शनिवार सुबह 8:36 बजे बलूचिस्तान में महसूस किया गया। यह 40 किलोमीटर गहराई पर था। EMSC ने इन सभी भूकंपों की पुष्टि की है। राहत की बात है कि अभी तक कहीं से भी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
हिंदू कुश क्षेत्र भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स टकराती हैं, इसलिए बार-बार झटके आते रहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा गहराई वाले भूकंप से सतह पर तबाही कम होती है, लेकिन इमारतों में दरारें या कमजोर ढांचे गिर सकते हैं। फिलहाल सभी एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। First Updated : Saturday, 27 June 2026