दिल्ली: दिल्ली-NCR के लोगों को लगभग तीन महीनों से प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है. बिगड़ती वायु गुणवत्ता के चलते सरकार ने भी शहर में GRAP-IV प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, लेकिन सरकार द्वारा उठाए गए प्रदूषण-रोधी उपायों का असर भी सीमित ही दिखाई दे रहा है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार 'गंभीर' और 'खतरनाक' श्रेणियों के बीच बना हुआ है.
बुधवार की सुबह 5 बजे दिल्ली का समग्र AQI 366 रहा. वहीं, कई प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में यह 400 के पार पहुंच गया. इसी बीच, सर्दी बढ़ने के साथ ही शहर में घना कोहरा और धुंध छाया छायी है. दिल्ली में बुधवार सुबह का तापमान 9°C दर्ज किया गया, जिसके कुछ दिनों में और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, मंगलवार को शहर का AQI लगभग 415 दर्ज किया गया था.
वहीं, राजधानी के कई क्षेत्रों में AQI गंभीर की क्षेत्री में बना रहा. इसमें डीटीयू(367), द्वारका सेक्टर 8 (384), आईजीआई हवाई अड्डा (302), दिलशाद गार्डन (356), आईटीओ (392), जहांगीरपुरी (391), मुंडका (396), नेहरू नगर (419) और ओखला फेज 2 (402) शामिल है.
वहीं, दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में तकरीबन 1,000 से ज्यादा जल निकाय (वाटर बॉडी) को फिर से जिंदा करना है. उन्होंने आगे कहा कि GRAP का लेवल घटने पर भी 'नो PUCC नो फ्यूल' नियम को लागू रखा जाएगा.
दिल्ली सरकार ने सिर्फ वाहनों पर ही नहीं, बल्कि शहर के पर्यावरण को समग्र रूप से बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है. मंत्री ने घोषणा की कि राजधानी में जल निकायों के पुनरुद्धार के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा. इससे झीलों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण किया जाएगा, जो पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं.
वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को मंगलवार को पत्र लिखकर उनकी सरकार पर "11 वर्षों की उपेक्षा और आपराधिक निष्क्रियता" करने ता आरोप लगाया. उपराज्यपाल नें उन्हें राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया. First Updated : Wednesday, 24 December 2025