S Jaishankar meets PM Modi: अमेरिका से 104 भारतीयों को वापस भेजे जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इस मुद्दे पर मचे विवाद के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. माना जा रहा है कि यह मुलाकात अमेरिका द्वारा निर्वासित किए गए भारतीय प्रवासियों की वापसी और इस पर उठे राजनीतिक सवालों के मद्देनजर हुई.
इस घटना को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ, जहां विपक्ष ने निर्वासन की प्रक्रिया को "अमानवीय और अपमानजनक" बताया. इस मुद्दे पर चर्चा की मांग के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में स्थगित कर दी गई. वहीं, सरकार की ओर से इस मामले पर संसद में आधिकारिक बयान दिए जाने की संभावना है.
बुधवार को एक अमेरिकी सैन्य विमान 104 भारतीय प्रवासियों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा. ये सभी लोग अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर चुके थे और ट्रंप प्रशासन की सख्त अप्रवासन नीति के तहत उन्हें निर्वासित कर दिया गया. यह पहली बार है जब अमेरिकी सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिकों को वापस भेजा है.
इन 104 प्रवासियों में 33 हरियाणा और गुजरात से, 30 पंजाब से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से और दो चंडीगढ़ से हैं. सूत्रों के अनुसार, इन निर्वासितों में 19 महिलाएं और 13 नाबालिग भी शामिल हैं. इनमें एक चार साल का लड़का और पांच व सात साल की दो लड़कियां भी शामिल हैं.
लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया. विपक्ष ने इस मामले को संसद में चर्चा के लिए उठाया और निर्वासन की प्रक्रिया को "बेहद दुखद और अपमानजनक" करार दिया. हालांकि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "यह विदेश नीति से जुड़ा मामला है और अन्य देशों के अपने नियम-कानून होते हैं. आप दोपहर 12 बजे अपने मुद्दे उठा सकते हैं, कृपया प्रश्नकाल को सुचारू रूप से चलने दें."
भारत सरकार ने इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी करने की तैयारी की है. विदेश मंत्री एस जयशंकर की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को इस मामले से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, अभी तक सरकार ने इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. First Updated : Thursday, 06 February 2025