होर्मुज में गोलियां, लेकिन सुरक्षित भारत, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट
होर्मुज में विदेशी जहाजों पर फायरिंग के बावजूद सभी भारतीय सुरक्षित हैं और सरकार उनकी सुरक्षा के लिए ईरान से संपर्क में है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान पर भारत ने सीमित प्रतिक्रिया दी, जबकि सरकार ने ‘क्रिप्टो पेमेंट’ से जुड़ी खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया.

होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल ही में दो विदेशी जहाजों पर हुई फायरिंग के बीच भारत सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए स्पष्ट किया है कि इन जहाजों पर मौजूद सभी भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ये दोनों जहाज विदेशी हैं. हालांकि इनके चालक दल में कुछ भारतीय भी शामिल हैं.
विवादित पोस्ट पर भारत की प्रतिक्रिया
उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी भारतीय को नुकसान नहीं पहुंचा है और सरकार लगातार ईरान के संपर्क में है, ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विवादित पोस्ट को लेकर भी भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उस पोस्ट में भारत और चीन के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने संबंधित रिपोर्ट्स देखी हैं, लेकिन इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी करने से परहेज किया है.
#WATCH दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक पोस्ट को री-शेयर किए जाने पर, जिसमें भारत और चीन को 'धरती पर नरक' कहा गया था, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं। मैं बस इतना ही कहूंगा।" pic.twitter.com/TtfnuuY7Hq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 23, 2026
यह विवाद उस समय बढ़ा जब ट्रंप ने एक एंटी-इमिग्रेशन पोस्ट को री-शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चे नागरिकता हासिल कर अपने परिवारों को भारत, चीन और अन्य देशों से बुला लेते हैं. पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि नए प्रवासियों के कारण अमेरिका में अंग्रेजी का उपयोग कम हो रहा है और देश के प्रति उनकी निष्ठा भी पहले जैसी नहीं रही. साथ ही, रोजगार और इमिग्रेशन व्यवस्था में भारत और चीन के लोगों के प्रभाव की बात भी कही गई.
भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
इस टिप्पणी को लेकर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी ने इसे भारत का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया. पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस मुद्दे को अमेरिका के सामने मजबूती से उठाया जाए. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे मामलों पर सरकार की चुप्पी ठीक नहीं है और इसे लेकर सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए.
दूसरी ओर, सरकार ने उन खबरों का भी खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर के कप्तान ने सुरक्षित मार्ग के लिए भुगतान किया था. जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि किसी भी भारतीय जहाज ने इस तरह का कोई भुगतान नहीं किया है.
सोशल मीडिया पर वायरल ‘क्रिप्टो पेमेंट’ से जुड़ी खबरों को भी सरकार ने फर्जी करार दिया है. मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि यह पूरी तरह निराधार है और भारतीय जहाज निर्धारित नियमों के तहत सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा कर रहे हैं.
इसके अलावा, भारत ने फ्रांस के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसके तहत 10 अप्रैल 2026 से भारतीय नागरिकों को फ्रांस के एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र से गुजरने के लिए अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी. यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जो किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान फ्रांस में केवल ट्रांजिट में रुकते हैं.


