ओमान तट पर समुद्र में फिर हमला, भारतीय जहाज को बनाया निशाना, भारत ने दी कड़ी चेतावनी

ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की मांग की है. सरकार ने बताया कि जहाज पर सवार सभी भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने निगरानी बढ़ा दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है.

 विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में क्या कहा?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि समुद्री व्यापार को बाधित करने वाली ऐसी घटनाएं न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओमान के पास भारतीय जहाज पर हुआ हमला बेहद चिंताजनक है और भारत इस तरह की हिंसक गतिविधियों की कड़ी आलोचना करता है. सरकार ने राहत की बात बताते हुए कहा कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. साथ ही भारत ने बचाव अभियान में मदद के लिए ओमान प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया.

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है. मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना और आम नागरिक नाविकों की जान खतरे में डालना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है. भारत ने दोहराया कि वह समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है.

भारत के लिए समुद्री व्यापार बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि देश का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों के जरिए होता है. पेट्रोलियम उत्पादों, खाद्य सामग्री, रसायनों और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति इन समुद्री रास्तों पर निर्भर करती है. ऐसे में किसी भी तरह का हमला या तनाव वैश्विक सप्लाई चेन और भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है.

क्षेत्र में निगरानी बढ़ी

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है. सभी भारतीय जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, हमले की प्रकृति और इसके पीछे शामिल तत्वों की जांच जारी है.

दरअसल, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए हवाई हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है. इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी थी. इसके बाद कई व्यापारिक जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आईं.

इस संकट में भारतीय नाविक पहले भी निशाना बन चुके हैं. 1 मार्च 2026 को ओमान के खसाब के पास तेल टैंकर ‘स्काईलाइट’ पर हुए हमले में दो भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे. इसके अलावा ‘MKD VYOM’ और ‘Ayeh’ नामक जहाजों पर हुए हमलों में भी भारतीय नाविक प्रभावित हुए थे.

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