पीएम मोदी की अपील के बाद गवर्नर ने घटाया काफिला, क्या सीएम सोरेन भी कम करेंगे गाड़ियों का काफिला?
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाकर चार कर दी है. वहीं इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.

रांची: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित ईंधन संकट के बीच झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद राज्यपाल ने यह निर्णय लिया. उनके इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है कि क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार के मंत्री भी अपने काफिलों को छोटा करेंगे.
राज्यपाल संतोष कुमार ने ‘एक्स’ पर क्या कहा?
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने झारखंड राजभवन में अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटाकर सिर्फ चार करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि यह कदम ईंधन संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है. राज्यपाल ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी अपील की कि वे अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचें और ऊर्जा बचत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं.
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के आह्वान पर ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के उद्देश्य से लोक भवन, झारखण्ड में मेरे द्वारा कारकेड में वाहनों की संख्या घटाकर मात्र 4 गाड़ियाँ रखने का निर्णय लिया गया है।#EnergyConservation
— Governor of Jharkhand (@jhar_governor) May 13, 2026
#SaveFuel
राज्यपाल के इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब राज्य सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी इसी तरह ईंधन बचत की दिशा में कदम उठाएंगे. हालांकि अब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या उनकी सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पीएम मोदी का किया समर्थन
इधर, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का समर्थन किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री ने खुद अपने वाहनों की संख्या कम की है और उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने भी इस दिशा में पहल की है. संजय सेठ ने देशवासियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय हित में ईंधन बचत और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को अपनाएं. उन्होंने कहा कि नागरिकों का छोटा-सा योगदान भी भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है. इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक रैली में लोगों से मितव्ययिता अपनाने और ईंधन की बचत करने की अपील की थी.
वहीं, इस मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी की ओर से मांग की गई है कि प्रधानमंत्री मोदी एक साल तक विदेश यात्राएं, रोड शो और भाजपा की बड़ी रैलियां स्थगित करें ताकि ईंधन की बचत का संदेश और मजबूत हो सके.


