Jodhpur Highway Bus Fire: राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार को हुए भीषण बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया. जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. यह हादसा इस साल की हुई सबसे गंभीर घटनाओं में गिना जा रहा है. वहां मौजूद लोगों के अनुसार, बस में अचानक लगी आग ने यात्रियों को बच निकलने का मौका तक नहीं दिया, कई लोगों ने खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मुआवजा देने की घोषणा की. वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की.
पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने हादसे में 20 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है. बस में सवार यात्रियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का समय नहीं मिला. कई यात्री घबराकर खिड़कियों और दरवाजों से कूदे, जिससे कुछ की जान बच गई.
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख की सहायता दी जाएगी और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी. उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई.
राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए. घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जोधपुर के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है.
जैसलमेर के कलेक्टर प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने से कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. बस में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया और क्षेत्र को तुरंत सील कर लिया गया.
हादसे के चश्मदीदों ने बताया कि बस में आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को कुछ समझने का मौका नहीं मिला. मौके पर मौजूद लोग भी बस के इस हाल को देखकर दहल गए.
यात्रियों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से छलांग लगाई.
राज्य सरकार ने अस्पतालों में इलाज करा रहे घायलों की देखरेख के लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मृतकों के परिजनों को अतिरिक्त सहायता देने का भी आश्वासन दिया गया है. केंद्र और राज्य दोनों सरकारें लगातार राहत और सहायता कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं.
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और परिवहन मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है. First Updated : Wednesday, 15 October 2025