राज्यसभा में भाषण के दौरान रोके जाने पर भड़कीं जया बच्चन, बोलीं "बच्चे बैठ जाओ"

राज्यसभा में भाषण के दौरान टोके जाने पर जया बच्चन का गुस्सा फूट पड़ा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: राज्यसभा में बुधवार को उस वक्त तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन अपने भाषण के दौरान रोके जाने पर नाराज हो गईं. उनका गुस्सा उस समय सामने आया, जब कुछ सदस्यों ने उनके संबोधन के बीच हस्तक्षेप किया.

इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जया बच्चन को कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते देखा जा सकता है. उन्होंने न सिर्फ व्यवधान पर आपत्ति जताई, बल्कि अपने बोलने के समय को लेकर भी सवाल उठाए.

भाषण के दौरान टोकने पर नाराजगी

राज्यसभा में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संशोधन विधेयक पर बोलते हुए जया बच्चन को बीच में टोका गया, जिस पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "बच्चे बैठ जाओ."

उनका यह बयान सदन में चर्चा का विषय बन गया.

अध्यक्ष से भी किया सवाल

वायरल वीडियो में जया बच्चन सभापति डॉ. दिनेश शर्मा से भी सवाल करती नजर आईं.

उन्होंने कहा,"आप मेरा समय कैसे कम कर सकते हैं? मैं कुएं में जाऊंगी."

यह टिप्पणी सदन के भीतर उनके असंतोष को साफ दर्शाती है.

राम नवमी की दी शुभकामनाएं, फिर बढ़ा विवाद

अपने संबोधन की शुरुआत में जया बच्चन ने राम नवमी के अवसर पर शुभकामनाएं दीं. हालांकि, जैसे ही उन्होंने आगे बोलना शुरू किया, कुछ सदस्यों की टिप्पणियों के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया.

अगर कोई बोलना शुरू कर दे..

जया बच्चन ने सदन में कहा,"अगर कोई बोलना शुरू कर दे तो सबका ध्यान उसकी तरफ चला जाएगा. अगर मैं बोल रहा हूं तो आपका ध्यान मेरी तरफ होगा,”

उन्होंने यह बात अध्यक्ष से कहते हुए व्यवधान पर आपत्ति जताई.

समय को लेकर हुई बहस

अध्यक्ष ने उन्हें विषय पर केंद्रित रहने की सलाह दी और कहा कि उनका समय बर्बाद हो रहा है. इस पर जया बच्चन ने जवाब देते हुए कहा कि उनका समय अध्यक्ष के नियंत्रण में है, लेकिन बीच में हस्तक्षेप होने से वह प्रभावित हो रहा है.

उन्होंने स्पष्ट कहा, "आप मेरा समय नहीं ले सकते," और साथ ही "कुएं" में जाने की बात दोहराई.

ट्रांसजेंडर विधेयक पर विपक्ष का विरोध

राज्यसभा में विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (संशोधन) विधेयक का विरोध किया और इसे वापस लेने या चयन समिति को भेजने की मांग की.

जया बच्चन ने इस विधेयक को जल्दबाजी में लाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे और गहराई से जांचने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, "इसकी उतनी गहराई और सावधानी से जांच क्यों नहीं की जा सकती जितनी यह हकदार है?"

इतिहास का दिया उदाहरण

जया बच्चन ने अपने संबोधन में कहा कि पुराने समय में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को राजघरानों में सुरक्षा के लिए रखा जाता था.

उन्होंने कहा, "उन्हें सुरक्षित माना जाता था, लेकिन आज अचानक सरकार उनकी उपस्थिति से बहुत असुरक्षित महसूस कर रही है."

साथ ही उन्होंने विधेयक को वापस लेकर मानसून सत्र में दोबारा पेश करने का सुझाव दिया.

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