बेटे की बीमारी पर इस्तीफा देने वाले पिता के लिए कंपनी ने जो किया, वो बन जाएगा मिसाल!
सोशल मीडिया आजकल लोगों की असल जिंदगी की कहानियों को सामने लाने का बड़ा जरिया बन गया है। ऐसी ही एक कहानी एक्स पर वायरल हो रही है, जिसे पढ़कर लोगों का भरोसा इंसानियत पर फिर से मजबूत हो रहा है।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया आजकल लोगों की असल जिंदगी की कहानियों को सामने लाने का बड़ा जरिया बन गया है। ऐसी ही एक कहानी एक्स पर वायरल हो रही है, जिसे पढ़कर लोगों का भरोसा इंसानियत पर फिर से मजबूत हो रहा है।
10 साल पुराने कर्मचारी ने मांगा इस्तीफा
दरअसल अंकित पांडे नाम के यूजर ने बताया कि उनके यहां पिछले 10 साल से काम कर रहा अकाउंटेंट अचानक इस्तीफा देने ऑफिस पहुंचा। इतने सालों से साथ काम करने वाले कर्मचारी का ये फैसला सुनकर अंकित को हैरानी हुई।
जब उन्होंने वजह पूछी तो कर्मचारी की आंखें भर आईं। उसने बताया कि उसके बेटे की तबीयत बहुत खराब है। डॉक्टरों ने भी रिकवरी की उम्मीद कम जताई है। इसी वजह से वो बेटे के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताना चाहता है।
Two months ago, my accountant came to my office and requested to resign.
— Ankit Pandey (@iamankitpande) June 3, 2026
He had been working with us for 10 years, so I was surprised.
I asked him, "Why do you want to leave?"
With tears in his eyes, he replied, "My son's condition is very serious. Doctors have given very…
कंपनी ने दिया परिवार जैसा सहारा
अंकित ने उससे पूछा कि क्या वो वर्क फ्रॉम होम कर सकता है। जवाब मिला कि इस वक्त बेटे को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, इसलिए ऑफिस आना मुमकिन नहीं है। ये सुनते ही अंकित ने कहा कि तुम जाओ और अपने बेटे के साथ रहो। तुम्हारी जगह यहां खाली रहेगी।
साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पैसे की चिंता मत करना। सैलरी हर महीने खाते में आती रहेगी। जब बेटा ठीक हो जाए तो वापस आ जाना। अंकित का कहना था कि 10 साल की वफादारी के बाद वो उसे अकेले ये लड़ाई नहीं लड़ने दे सकते थे।
एक महीने बाद लौटी खुशखबरी
करीब एक महीने बाद वही कर्मचारी ऑफिस आया। हाथ में मिठाई का डिब्बा था और आंखों में आंसू। उसने बताया कि बेटा अब पूरी तरह ठीक है। अगले दिन उसने दोबारा कंपनी ज्वाइन कर ली। ज्वाइन करने के साथ उसने एक रिक्वेस्ट भी की। कहा कि जितने दिन काम नहीं किया, उतने दिन की सैलरी वापस ले लो।
उसने कहा कि काम नहीं किया तो पैसा रखना सही नहीं लगेगा। इस पर अंकित ने मुस्कुराते हुए कहा कि वो पैसे सैलरी नहीं थे। ये तो हमारी तरफ से तुम्हारे बेटे के ठीक होने के लिए छोटा सा सहयोग था।
पोस्ट वायरल हुई तो लोगों ने की तारीफ
अंकित ने अंत में लिखा कि कई बार कंपनी सिर्फ काम की जगह नहीं रहती, वो परिवार बन जाती है। उनकी इस पोस्ट पर हजारों लाइक और कमेंट्स आ चुके हैं। लोग इसे असली लीडरशिप और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।


