होर्मुज बंदी के बीच सऊदी अरब की नई शिपिंग सर्विस शुरू, भारत को मिलेगा फायदा

मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट को भारत के मुंद्रा पोर्ट और जिबूती से जोड़ने वाली नई शिपिंग सेवा शुरू की है, जिससे व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी. यह नई समुद्री सेवा भारत के लिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय तनाव के कारण प्रभावित आयात-निर्यात गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ी अनिश्चितता का असर वैश्विक व्यापार पर साफ दिखाई देने लगा है. ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रम और समुद्री आवाजाही में आई बाधाओं के कारण कई देशों को अपने व्यापारिक मार्गों के लिए वैकल्पिक विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं. इसी बीच सऊदी अरब ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है.

नई समुद्री शिपिंग सेवा शुरू करने की घोषणा

सऊदी अरब की पोर्ट्स अथॉरिटी ‘मवानी’ ने जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट पर एक नई समुद्री शिपिंग सेवा शुरू करने की घोषणा की है. यह सेवा एमिरेट्स शिपिंग लाइन द्वारा संचालित की जाएगी और इसका उद्देश्य सऊदी अरब, भारत व पूर्वी अफ्रीका के बीच व्यापारिक संपर्क को और मजबूत बनाना है. नई सेवा के माध्यम से जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट को भारत के प्रमुख मुंद्रा बंदरगाह और अफ्रीकी देश जिबूती के बंदरगाह से जोड़ा जाएगा.

अधिकारियों के अनुसार, यह शिपिंग सेवा एक बार में लगभग 2,144 ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स तक माल ढुलाई करने में सक्षम होगी. इससे माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र में सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही रेड सी (लाल सागर) के जरिए होने वाले व्यापार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है.

मवानी का कहना है कि यह पहल केवल एक नई शिपिंग सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सऊदी अरब की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है. देश का लक्ष्य वैश्विक लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है. इसके साथ ही निर्यात को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी भागीदारी बढ़ाना भी इस योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है.

यह कदम सऊदी अरब की ‘नेशनल ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स स्ट्रैटेजी’ के अनुरूप माना जा रहा है. इस रणनीति के तहत देश खुद को एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करना चाहता है.

भारत के लिए नई सेवा काफी महत्वपूर्ण

भारत के लिए भी यह नई सेवा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव और समुद्री मार्गों में आई रुकावटों का असर भारतीय आयात-निर्यात गतिविधियों पर पड़ा है. ऐसे में जेद्दाह, मुंद्रा और जिबूती को जोड़ने वाला यह नया समुद्री नेटवर्क भारतीय व्यापारियों को एक वैकल्पिक और अधिक भरोसेमंद मार्ग उपलब्ध करा सकता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है.

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