भारत-पाक सैन्य संघर्ष रुकवाने पर पाक पीएम शहबाज ने फिर की ट्रंप की तारीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ हुए सैन्य टकराव को खत्म कराने में ट्रंप के समय पर दिए गए हस्तक्षेप के लिए पाकिस्तान हमेशा आभारी रहेगा।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ हुए सैन्य टकराव को खत्म कराने में ट्रंप के समय पर दिए गए हस्तक्षेप के लिए पाकिस्तान हमेशा आभारी रहेगा।  

अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को अमेरिकी दूतावास के स्वागत समारोह में शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका का रिश्ता करीब आठ दशकों पुराना और खास है। उन्होंने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप के हस्तक्षेप ने हालात बिगड़ने से रोक दिए।  

पहलगाम हमले के बाद ट्रंप के हस्तक्षेप का जिक्र   

पाक पीएम शहबाज के अनुसार पिछले साल पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने आक्रामक रुख अपनाया था। इसी दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने समय रहते निर्णायक कदम उठाया, जिससे 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष थम गया।  

उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति बहाल करने और लाखों लोगों की जान बचाने के लिए पाकिस्तान ट्रंप का सदा ऋणी रहेगा। शहबाज ने उन्हें शांतिप्रिय नेता करार देते हुए कहा कि इस भूमिका के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।  

गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित कराने में मदद की। वहीं भारत शुरू से कहता आया है कि दोनों देशों के बीच समझौता सीधे बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई।  

ट्रंप के नेतृत्व और द्विपक्षीय रिश्तों की सराहना    

शहबाज ने ट्रंप की नेतृत्व शैली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय नीतियों में ऊर्जा और दृढ़ता का संचार किया है। उनके मुताबिक ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका शांति, प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देते हुए दुनिया में भरोसा कायम कर रहा है।  

दोनों देशों के रिश्तों का जिक्र करते हुए शहबाज ने कहा कि 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद अमेरिका उसे मान्यता देने वाले पहले देशों में शामिल था। उन्होंने सुरक्षा, व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को रिश्ते की मजबूती बताया।  

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रिश्ता सिर्फ सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग तक सीमित नहीं है। इसमें जन-जन के आदान-प्रदान से लेकर व्यापार और तकनीक तक कई पहलू शामिल हैं।  

क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका    

गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने क्षेत्रीय कूटनीति पर बात करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इस प्रयास में योगदान के लिए सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को भी धन्यवाद दिया।  

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