झारखंड के हजारीबाग में बड़ा सड़क हादसा, दनुवा घाटी में 20 फीट गहरी खाई में गिरा ट्रेलर
झारखंड के हजारीबाग जिले से गुरुवार को एक बड़े सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा. घटना के बाद घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रांची: झारखंड के हजारीबाग जिले से गुरुवार को एक बड़े सड़क हादसे की खबर सामने आई है. बता दें, चौपारण थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित दनुवा घाटी में एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा. इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए.
दो घंटे तक चला रेस्क्यू
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर के खाई में गिरते ही जोरदार आवाज हुई. दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर फंस गया. घटना की सूचना मिलते ही चौपारण थाना पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एंबुलेंस टीम और स्थानीय ग्रामीण राहत कार्य में जुट गए.
चालक को बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे चालक तक पहुंचना आसान नहीं था. लगभग दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से केबिन को काटकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
अस्पताल में कराया गया भर्ती
गंभीर रूप से घायल चालक को तुरंत चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया। हालत नाजुक होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है.
क्यों हुई घटना?
स्थानीय लोगों का कहना है कि दनुवा घाटी दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रही है. घाटी में तीखे मोड़, तेज ढलान और कई बार वाहनों की अधिक गति हादसों का कारण बनती है. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.
सुरक्षा के लिए उठी ठोस कदम उठाने की मांग
चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. वहीं शुरुआती जानकारी में वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, हालांकि वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घाटी में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, चेतावनी संकेत और दुर्घटना रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई है.


