स्कूल बस का इंतजार कर रहीं दो छात्राएं हुईं सड़क हादसे की शिकार, ट्रेलर की टक्कर से मची अफरा-तफरी
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो स्कूली छात्राओं के घायल होने की खबर सामने आई है. यह घटना आयता गांव चौक के पास हुई, जहां दोनों बच्चियां स्कूल बस का इंतजार कर रही थीं.

रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो स्कूली छात्राओं के घायल होने की खबर सामने आई है. बता दें, यह घटना आयता गांव चौक के पास हुई, जहां दोनों बच्चियां स्कूल बस का इंतजार कर रही थीं. जानकारी के अनुसार, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया.
कैसे हुआ हादसा?
सात वर्षीय अनुष्का कुमारी पान और आठ वर्षीय लवली तांती सड़क किनारे एक होटल के पास खड़ी थीं और इसी दौरान एक कार होटल की ओर मुड़ रही थी. तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी. इस दौरान टक्कर इतनी तेज थी कि कार अनियंत्रित होकर आगे घिसटती चली गई और वहां खड़ी दोनों छात्राओं को अपनी चपेट में ले लिया.
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए दोनों बच्चियों को बाहर निकाला और इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया. वहीं डॉक्टरों की जांच में सामने आया है कि अनुष्का के सिर और छाती में गंभीर चोटें आई है. इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया है. वहीं दूसरी छात्रा लवली तांती को हल्की चोटें आई हैं और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
सामने आया घटना का सीसीटीवी फुटेज
बता दें, इस दर्दनाक घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे का पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है. वहीं वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में और अधिक नाराजगी देखने को मिल रही है. हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने चाईबासा-टाटा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और ट्रेलर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
सड़क पर लगा जाम
इतना ही नहीं इस दौरान कुछ लोगों ने चालक की पिटाई भी कर दी. हालांकि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा. लेकिन बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका.


