कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप
कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. उन पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी एक नए कानूनी विवाद में घिर गई हैं. कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है. उन पर एक सार्वजनिक सभा के दौरान दिए गए भाषण के जरिए कथित रूप से धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है.
9 मार्च 2026 से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला 9 मार्च 2026 को कोलकाता के एस्प्लेनेड क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है. धर्म मंच के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने लोगों को संबोधित किया था. कार्यक्रम मेट्रो चैनल आउटपोस्ट के सामने आयोजित हुआ था. शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके भाषण की कुछ टिप्पणियां समाज में तनाव पैदा कर सकती थीं और विभिन्न समुदायों के बीच दूरी बढ़ाने वाली थीं.
इस मामले में शिकायत कोलकाता के कारोबारी तुषार कांति दास ने दर्ज कराई थी. प्रारंभिक शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने इसे औपचारिक FIR में बदल दिया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि भाषण की भाषा और उसके कुछ हिस्से ऐसे थे, जिनसे लोगों के बीच भय और अस्थिरता का माहौल बन सकता था.
FIR हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज हुई
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह FIR हेयर स्ट्रीट थाने में 7 जून 2026 को दोपहर 3:45 बजे दर्ज की गई. मामले का FIR नंबर 0106 और रजिस्ट्रेशन नंबर 32712018260106 है. पुलिस को इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की गई.
ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें धारा 196(1) शामिल है, जो धर्म, भाषा, जाति या अन्य आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या घृणा फैलाने से संबंधित है. इसके अलावा धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी देने के आरोप और धारा 352 के तहत जानबूझकर उकसाने या शांति भंग करने वाली गतिविधियों से जुड़े प्रावधान लगाए गए हैं.
ममता बनर्जी की नहीं आई प्रतिक्रिया
हालांकि, इस मामले में अभी तक ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. राजनीतिक गलियारों में इस FIR को लेकर चर्चा तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.


