जेल की सलाखों के बीच शुरू हुई प्रेम कहानी, महिला अफसर ने उम्रकैद की सजा काट चुके कैदी से की शादी
मध्य प्रदेश के सतना सेंट्रल जेल से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जहां हत्या के मामले में उम्रकैद काट रहे कैदी और जेल की महिला अधिकारी के बीच रिश्ता शादी तक पहुंच गया. यह कहानी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

भोपाल: मध्य प्रदेश के सतना की सेंट्रल जेल से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान भी किया और भावुक भी. जेल की सख्त सुरक्षा और ऊंची दीवारों के बीच शुरू हुआ एक रिश्ता अब शादी के मुकाम तक पहुंच चुका है. इस अनोखी कहानी के केंद्र में हैं हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह और जेल विभाग की अधिकारी फिरोजा खातून.
दोनों की दुनिया पूरी तरह अलग थी. एक तरफ जेल में बंद कैदी और दूसरी तरफ उसी जेल में तैनात महिला अधिकारी. लेकिन वक्त के साथ दोनों के बीच बढ़ी बातचीत ने रिश्ते का रूप ले लिया. अब यह कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
हत्या के मामले में जेल पहुंचा था धर्मेंद्र
धर्मेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र का रहने वाला है. साल 2007 में एक पार्षद की हत्या और शव दफनाने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था.
अदालत ने धर्मेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसके बाद उसकी जिंदगी जेल की चारदीवारी तक सीमित हो गई. शुरुआती वर्षों में उसने कठिन दौर देखा, लेकिन धीरे-धीरे उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा.
जेल प्रशासन के मुताबिक, अच्छे आचरण और अनुशासन की वजह से धर्मेंद्र को जेल के भीतर कई जिम्मेदारियां भी दी गई थीं. वह वारंट से जुड़े कार्यों में अधिकारियों की मदद करता था.
जेल अफसर से ऐसे हुई मुलाकात
फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के पद पर तैनात थीं. अपनी सख्त कार्यशैली और अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली फिरोजा की मुलाकात धर्मेंद्र से जेल के कामकाज के दौरान हुई.
शुरुआत में दोनों के बीच सिर्फ अधिकारी और कैदी का रिश्ता था, लेकिन समय के साथ बातचीत बढ़ती गई. बताया जाता है कि फिरोजा ने धर्मेंद्र के भीतर बदलाव और नई जिंदगी शुरू करने की इच्छा को महसूस किया.
वहीं धर्मेंद्र को भी पहली बार ऐसा लगा कि कोई उसे सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि इंसान के रूप में देख रहा है.
जेल की दीवारों के बीच बढ़ता गया रिश्ता
जेल के भीतर दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को निजी बनाए रखा. हालांकि, धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती रहीं.
सूत्रों के मुताबिक, दोस्ती का यह रिश्ता भरोसे में बदला और फिर प्यार तक पहुंच गया. जेल कर्मचारियों को दोनों की बढ़ती बातचीत का अंदाजा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह रिश्ता शादी तक पहुंचेगा.
14 साल बाद जेल से रिहा हुआ धर्मेंद्र
करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद धर्मेंद्र सिंह को अच्छे आचरण के आधार पर रिहा कर दिया गया.
जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा. समय के साथ उनका रिश्ता और मजबूत होता गया. करीब चार साल बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया.
पहचान छिपाने के लिए बदला नाम
शादी से पहले धर्मेंद्र ने अपना नाम बदलकर शादी का कार्ड छपवाया. बताया गया कि वह नहीं चाहता था कि शादी से पहले उसकी असली पहचान लोगों के सामने आए.
5 मई को लवकुश नगर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए. जैसे ही लोगों को पता चला कि दूल्हा वही शख्स है जिसने कभी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काटी थी और दुल्हन जेल विभाग की अधिकारी हैं, यह खबर तेजी से फैल गई.
परिवार ने नहीं किया समर्थन
बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और शादी में शामिल नहीं हुआ.
इसके बावजूद फिरोजा अपने फैसले पर कायम रहीं. शादी का सबसे भावुक पल तब सामने आया जब विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा और उनकी पत्नी ने फिरोजा का कन्यादान किया.
उन्होंने फिरोजा को अपनी बेटी मानते हुए यह रस्म निभाई. इस दौरान बजरंग दल से जुड़े लोग भी मौजूद रहे.
जेल में मोहब्बत चढ़ी परवान तो टूट गई मजहब की दीवारें
— राष्ट्रवादी 🚩सनातनी🚩 HiNdU (@HiNdU05019434) May 8, 2026
केंद्रीय जेल सतना की मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक ने उम्र कैद की सजा काट चुके हिन्दू कैदी से रचाई शादी।
शादी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम की
प्रेम ने धर्म की दीवार तोड़ डाली । pic.twitter.com/RGYeuoT4Cy
सोशल मीडिया पर चर्चा में आई प्रेम कहानी
जैसे ही यह कहानी सामने आई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे “रीयल लाइफ जेल लव स्टोरी” बताया, तो कुछ ने इसे इंसान के बदलने की मिसाल कहा.
कई लोगों का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखकर बदल जाता है, तो उसे जिंदगी में दूसरा मौका मिलना चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने इस रिश्ते को लेकर सवाल भी उठाए.
हालांकि, धर्मेंद्र और फिरोजा ने साफ किया है कि उन्होंने यह फैसला पूरी समझदारी और अपनी मर्जी से लिया है.
जेल में भी थी रिश्ते की चर्चा
बताया जाता है कि सतना सेंट्रल जेल में दोनों के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चा थी. हालांकि दोनों ने कभी सार्वजनिक तौर पर अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया.
जेल अधिकारियों के अनुसार, धर्मेंद्र ने जेल में अनुशासन का पालन किया और अपने व्यवहार में काफी बदलाव दिखाया. यही वजह रही कि उसे अच्छे आचरण का लाभ मिला.
आज धर्मेंद्र और फिरोजा पति-पत्नी के रूप में नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं. सतना की यह अनोखी प्रेम कहानी अब दूर-दूर तक चर्चा का विषय बनी हुई है.


