नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक जनसभा में शिवसेना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब कोई गुट नहीं बचा है, सिर्फ एक ही शिवसेना है और उसकी अगुवाई एकनाथ शिंदे कर रहे हैं।
शाह ने कहा कि पहले लोग एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना शिंदे गुट लगाकर बोलते थे, लेकिन अब वो भी नहीं रहा। उनके मुताबिक पार्टी पूरी तरह एकजुट हो चुकी है और शिंदे के नेतृत्व में काम कर रही है।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने दिल्ली में हुई संसदीय बैठक से दूरी बना ली। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र देकर अलग गुट बनाने की बात कही है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही ये सांसद शिंदे वाली शिवसेना में विलय कर सकते हैं।
इससे केंद्र में बीजेपी नीत NDA सरकार को और मजबूती मिलेगी। शिवसेना UBT ने बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। पार्टी के मुख्य व्हिप अनिल देसाई ने कहा है कि अगर 24 घंटे में जवाब नहीं आया तो माना जाएगा कि उन्होंने खुद सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद दल बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
कोल्हापुर की सभा में शाह ने अंबाबाई मंदिर के जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माता अंबाबाई की पवित्र भूमि पर आज महाराष्ट्र सरकार विकास का काम कर रही है। यह सब प्रधानमंत्री मोदी के विकास भी विरासत भी के विजन के तहत हो रहा है। शाह ने कहा कि महाराष्ट्र के सभी ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जो हम सबके लिए गर्व की बात है।
पार्टी के अंदर बगावत की चर्चाएं पहले से चल रही थीं। ऑपरेशन टाइगर के बाद उद्धव गुट के सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। गुरुवार को दिल्ली में हुई बैठक में सिर्फ तीन सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे थे। बाकी छह सांसद नागेश आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे नदारद रहे।
इससे पार्टी में अंदरूनी टूट साफ दिख रही है। एक तरफ उद्धव ठाकरे अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी कर रहे सांसदों की संख्या बढ़ रही है। First Updated : Saturday, 20 June 2026