नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो ने आज भारत के एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी कदम और रक्षा सहयोग पर खुलकर बात हुई। बैठक का मकसद प्रधानमंत्री स्तर की बातचीत में तय हुए एजेंडे को आगे बढ़ाना था। दोनों देशों ने रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर बताया कि चर्चा रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक टेक्नोलॉजी से जुड़े सहयोग पर केंद्रित रही। इसमें ट्रस्ट पहल भी शामिल थी। दोनों एनएसए ने द्विपक्षीय व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने की बात दोहराई। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत अमेरिका रिश्तों में भरोसे को लेकर कुछ खटास आई थी। इस मीटिंग में उसी भरोसे को फिर से मजबूत करने की कोशिश की गई। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों ने अपनी उम्मीदें सामने रखीं। भारत अभी चीन और पाकिस्तान के दोहरे खतरे से जूझ रहा है। पाकिस्तान से अमेरिका की बढ़ती नजदीकी नई चिंता पैदा कर रही है। वहीं अमेरिका के लिए चीन बड़ी चुनौती है। इन्हीं मुद्दों पर डोभाल और रूबियो के बीच बात हुई। विदेश मंत्रालय ने इसे ही ट्रस्ट पहल कहा है।
बैठक में ईरान, तेल गैस और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बात हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी अपनी पोस्ट में इसका जिक्र किया। भारत की तरफ से सबसे ज्यादा जोर आतंकवाद पर अमेरिका के रुख को लेकर रहा। भारत के लिए आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई हमेशा पहली प्राथमिकता रही है।
गौरतलब है कि मार्को रूबियो ने साफ किया कि भारत अमेरिका रिश्तों में कोई उतार चढ़ाव नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मीटिंग में उन्होंने कहा कि हमारे इतने सारे कॉमन इंटरेस्ट हैं कि साझेदारी को आगे बढ़ाना पूरी दुनिया के लिए सही है।
यह रिश्ते को ठीक करने या फिर से मजबूत करने की बात नहीं है। यह पहले से मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और आगे ले जाने की बात है। उन्होंने कहा कि यह हमारी सबसे जरूरी साझेदारियों में से एक है और दुनिया की भी सबसे अहम पार्टनरशिप है। First Updated : Sunday, 24 May 2026