मणिपुर में उग्रवादियों ने चलती गाड़ी पर की फायरिंग, सेना के रिटायर्ड जवान समेत 2 की मौत
मणिपुर के उखरुल जिले में नागरिकों के काफिले पर हमले में दो लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद तनाव बढ़ गया है और सरकार ने मामले की जांच NIA को सौंपने का फैसला लिया है.

मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा घटना ने एक बार फिर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और हालात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शनिवार को उखरुल जिले में हुए एक हमले में दो लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया है.
यह दर्दनाक घटना शनिवार दोपहर लिटान थाना क्षेत्र के टी.एम. कासोम गांव में हुई. जानकारी के मुताबिक, कुछ संदिग्ध हमलावरों ने इम्फाल से उखरुल जा रहे नागरिक वाहनों के काफिले को निशाना बनाकर गोलीबारी की. हमले में कार की अगली सीट पर बैठे एक व्यक्ति को सिर में गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसने बाद में दम तोड़ दिया.
इलाके में दहशत
मृतकों की पहचान तशर गांव के रहने वाले सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी चिनाओशांग शोकवुंगनाओ और खारासोम गांव के यारुइंगम वाशुम के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं उनकी चिंता बढ़ा रही हैं.
मुख्यमंत्री ने की घटना की निंदा
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक बेहद दुखद और निंदनीय घटना है, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई है. मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जाएगी, ताकि घटना के पीछे के सच्चाई सामने आ सके. उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी बात कही और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की.
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. पुलिस ने लिटान थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. राज्य के गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई है.
सरकार ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता को उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी.
आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
घटना के बाद विभिन्न संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है. कुकी जो परिषद ने इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया है. वहीं, तंगखुल नागा लोंग संगठन ने इस घटना की निंदा करते हुए कुछ अन्य समूहों पर हमला करने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने दूर से निशाना साधने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया और सुरक्षा घेरे के हटते ही हमला किया गया.


