Puducherry Exit Poll में एनडीए को बढ़त, कांग्रेस गठबंधन को बड़ा झटका

पुडुचेरी एग्जिट पोल में एनडीए को 16-20 सीटों के साथ बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि कांग्रेस-डीएमके गठबंधन पीछे नजर आ रहा है. हालांकि अंतिम फैसला 4 मई की मतगणना के बाद ही होगा, क्योंकि छोटे राज्य में नतीजे बदल भी सकते हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है. 30 सीटों वाली इस विधानसभा के लिए सामने आए अनुमानों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 16 से 20 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस-डीएमके गठबंधन 6 से 10 सीटों के बीच सिमटता नजर आ रहा है. इन आंकड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी पकड़ बनाए रख सकता है.

 पुडुचेरी में रिकॉर्ड 89.87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज 

9 अप्रैल को हुए मतदान में पुडुचेरी ने रिकॉर्ड 89.87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की, जो अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है. इस भारी भागीदारी को जनता की जागरूकता और बदलाव की इच्छा से जोड़कर देखा जा रहा है. चुनाव के दौरान रोजगार, बुनियादी ढांचा और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे, जिन पर मतदाताओं ने खुलकर अपनी राय दी.

राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं 

एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि एनडीए देशभर में मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है और पुडुचेरी में भी जीत दर्ज करेगा. वहीं, एआईएनआरसी के प्रमुख एन. रंगास्वामी की लोकप्रियता को इस संभावित सफलता का बड़ा कारण माना जा रहा है. दूसरी ओर, कांग्रेस और डीएमके के नेताओं ने एग्जिट पोल के आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा नहीं जताया है और कहा है कि अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा.

इस चुनाव की एक खास बात युवा और महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी रही. इसके अलावा, तीसरे लिंग के मतदाताओं ने भी 91 प्रतिशत से अधिक मतदान कर नई मिसाल पेश की है. छोटे केंद्र शासित प्रदेश में स्थानीय नेतृत्व का प्रभाव अधिक देखने को मिला, जहां क्षेत्रीय मुद्दों और उम्मीदवारों की छवि ने अहम भूमिका निभाई.

एग्जिट पोल के नतीजे एनडीए के पक्ष में 

हालांकि एग्जिट पोल के नतीजे एनडीए के पक्ष में नजर आ रहे हैं, लेकिन अंतिम परिणाम 4 मई को वोटों की गिनती के बाद ही सामने आएंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुडुचेरी जैसे छोटे क्षेत्र में अंतिम समय के समीकरण और स्थानीय गठजोड़ परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं.

फिलहाल, एग्जिट पोल ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है. अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि पुडुचेरी में अगली सरकार किसकी बनेगी.

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