टेलीग्राम के फ़ाउंडर का झलका दर्द, कहा '15 करोड़ यूज़र्स को सज़ा मिलेगी'
एप पर अस्थाई रोक पर बोलते हुए टेलीग्राम के फ़ाउंडर पावेल डुरोव ने कहा कि भारत में टेलीग्राम पर बैन लगाने से 15 करोड़ यूज़र्स को सज़ा मिलेगी, न कि उन अंदरूनी लोगों को जिन्होंने परीक्षा का मटीरियल लीक किया।

नई दिल्ली: टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने भारत में मैसेजिंग ऐप पर लगे एक हफ़्ते के अस्थायी बैन पर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि इस कदम से 15 करोड़ से ज्यादा आम यूज़र्स को नुकसान हुआ, जबकि जिस वजह से बैन लगाया गया था, वह समस्या हल नहीं हुई।
डुरोव ने X पर की पोस्ट
X पर जारी बयान में डुरोव ने कहा कि IT मंत्रालय द्वारा लगाया गया बैन अपने मकसद में नाकाम रहा। इससे सिर्फ लाखों कानून का पालन करने वाले यूज़र्स की बातचीत प्रभावित हुई।
डुरोव ने लिखा, "भारत के IT मंत्रालय ने कुछ यूज़र्स द्वारा लीक हुए एग्ज़ाम सवाल शेयर करने पर पूरे टेलीग्राम पर एक हफ़्ते का बैन लगा दिया। इससे 15 करोड़ से ज्यादा आम यूज़र्स को सज़ा मिली, न कि उन लोगों को जिन्होंने पेपर लीक किया था।"
यह बैन NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले लगाया गया था। अधिकारियों का कहना था कि टेलीग्राम का इस्तेमाल उम्मीदवारों को धोखा देने और लीक हुए पेपर बेचने के लिए हो रहा था। NEET पहले से ही पेपर लीक विवादों में घिरी हुई थी, जिसके चलते लाखों नतीजे रद्द करने पड़े थे।
India’s IT ministry banned Telegram for one week because some users shared leaked exam questions.
— Pavel Durov (@durov) June 16, 2026
This punishes 150M+ ordinary Telegram users in India — not the insiders who leaked the exam materials.
And the ban hasn't stopped anything. The leaks just moved to other apps. https://t.co/CzQWN4mXfb
बैन से नहीं रुकी लीक, सिर्फ प्लेटफ़ॉर्म बदला
डुरोव का तर्क है कि बैन लगाने से लीक की घटनाएं नहीं रुकीं, बल्कि वे दूसरे ऐप्स पर शिफ्ट हो गईं। उनके मुताबिक बड़े प्लेटफ़ॉर्म पर पहुंच रोकने से एग्ज़ाम में धोखाधड़ी की असली वजह खत्म नहीं होती।
उन्होंने कहा, "बैन से कुछ नहीं रुका। लीक का काम बस दूसरे ऐप्स पर चला गया। जिम्मेदार लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन आम यूज़र्स को परेशानी झेलनी पड़ी।"
भारत टेलीग्राम के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है। यहां लोग पर्सनल चैट, बिज़नेस, पढ़ाई और कम्युनिटी ग्रुप्स के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं।
NTA ने टेलीग्राम चैनलों पर लगाया था आरोप
भारत सरकार ने मंगलवार को NEET UG 2026 री-एग्ज़ाम से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का कहना था कि "PAPER LEAKED NEET", "Re-NEET 2026", "Private Mafia" और "REE NEET MAFIAA" जैसे चैनल खुलेआम पेपर बेचने का दावा कर रहे थे।
NTA ने कई महीनों की निगरानी के बाद यह कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार ये चैनल उम्मीदवारों और उनके परिवारों से हज़ारों से लेकर लाखों रुपये तक मांग रहे थे। NTA ने साफ किया कि परीक्षा प्रक्रिया के बाहर कोई असली पेपर मौजूद नहीं है और ऐसे दावे पूरी तरह धोखाधड़ी हैं।
प्राइवेसी फीचर्स बना रहे हैं चुनौती
टेलीग्राम अपनी प्राइवेसी, बड़े चैनल, गुमनाम यूज़रनेम और बड़ी फाइल शेयरिंग के लिए मशहूर है। इन्हीं फीचर्स ने शिक्षकों और बिज़नेस को तो आकर्षित किया है, लेकिन धोखेबाज़ों को भी फायदा पहुंचाया है।
पिछले कुछ सालों में टेलीग्राम के जरिए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के कई मामले सामने आए हैं। इसी वजह से NEET जैसी अहम परीक्षाओं के दौरान सरकार इस प्लेटफ़ॉर्म पर खास नजर रखती है।


