उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मनसा देवी मंदिर में रविवार को दर्शन के दौरान हुई भगदड़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए. हादसा मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर हुआ जब अचानक फैली बिजली करंट लगने की अफवाह से वहां मौजूद भीड़ में अफरा-तफरी मच गई.
प्रशासन के मुताबिक, जब यह घटना हुई उस समय मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. कुछ लोगों ने शोर मचाया कि सीढ़ियों पर करंट दौड़ रहा है, जिससे भगदड़ मच गई और कई लोग कुचले गए. गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि 55 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य का निर्देश दिया है. एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.
भारत में धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की विफलता कई बार गंभीर हादसों का कारण बन चुकी है. यहां कुछ प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया गया है:
15 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या के दिन संगम घाट पर महाकुंभ मेले के दौरान 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. लगभग 10 करोड़ तीर्थयात्रियों के आगमन की संभावना के बीच हुई यह भगदड़ भीड़ नियंत्रण व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है.
2 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 120 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं. यह हादसा एक अस्थायी तंबू और कीचड़ भरे मैदान में हुई भीड़ के कारण हुआ.
30 मार्च 2023 को रामनवमी के दिन इंदौर में एक मंदिर परिसर में बावड़ी के ऊपर की स्लैब टूटने से 36 लोगों की मौत हो गई. हादसा उस समय हुआ जब लोग पूजा के लिए बड़ी संख्या में एकत्र थे.
1 जनवरी 2022 को जम्मू-कश्मीर में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में भीषण भीड़ के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए.
14 जुलाई 2015 को आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में पुष्करम उत्सव के दौरान स्नान घाट पर भगदड़ मच गई, जिसमें 27 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. हादसा उत्सव के पहले दिन सुबह-सुबह हुआ जब हजारों लोग गोदावरी नदी में स्नान करने पहुंचे.
First Updated : Sunday, 27 July 2025