‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, सभी से की संकट के दौर में एकजुट रहने की अपील

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में मार्च को चुनौतीपूर्ण बताते हुए पड़ोसी क्षेत्र में युद्ध पर चिंता जताई. उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने, अफवाहों से बचने और सरकार की सलाह का पालन करने की अपील की.

Shraddha Mishra

पीएम मोदी ने आज ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड के जरिए देशवासियों से बात की. सुबह 11 बजे प्रसारित इस कार्यक्रम में उन्होंने कई अहम मुद्दों को लेकर अपनी राय रखी. इस बार उनके संबोधन में वैश्विक हालात, खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव, ऊर्जा संकट और देश के भीतर जागरूकता जैसे कई अहम मुद्दे शामिल रहे. उनका संदेश साफ था- चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन देश की एकता और समझदारी उससे भी बड़ी ताकत है.

वैश्विक तनाव पर चिंता

कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने दुनिया भर में बढ़ते संघर्षों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद उम्मीद थी कि दुनिया तेजी से विकास की ओर बढ़ेगी, लेकिन इसके उलट कई क्षेत्रों में युद्ध जैसे हालात बन गए. उन्होंने खास तौर पर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं. उन्होंने खाड़ी देशों का आभार जताया कि वे वहां रह रहे भारतीयों की देखभाल कर रहे हैं.

ऊर्जा संकट और भारत की स्थिति

प्रधानमंत्री ने बताया कि जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वही भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है. ऐसे में वहां की स्थिति का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपने मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों और पिछले वर्षों में बढ़ी क्षमता के कारण इस चुनौती का सामना करने में सक्षम है.

अफवाहों से बचने की अपील

पीएम मोदी ने देशवासियों से खास अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में एकजुट रहना बेहद जरूरी है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर अफवाहें फैलाना या राजनीति करना देश के हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि लोगों को केवल सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी तरह की गलत खबरों से दूर रहना चाहिए.

युवाओं की भूमिका पर भरोसा

प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की ताकत को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और जब युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगती है, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं. उन्होंने ‘MY भारत’ संगठन का उदाहरण देते हुए बताया कि यह युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ रहा है और उन्हें देश के विकास में भागीदारी का अवसर दे रहा है.

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