हैक हुआ बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी का पोर्टल, एग्जाम पेपर लीक होने पर उठा सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. बता दें, विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर सेंध लगने की खबरों के बाद प्रशासन और छात्रों के बीच चिंता का माहौल बन गया है.

Yashika Jandwani

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. बता दें, विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर सेंध लगने की खबरों के बाद प्रशासन और छात्रों के बीच चिंता का माहौल बन गया है. बता दें, इस घटना ने न सिर्फ स्टूडेंट्स के प्राइवेट डेटा की सिक्योरिटी बल्कि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की प्राइवेसी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

क्वेश्चन पेपर लीक होने की आशंका 

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में इन दिनों ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं. इसी दौरान कुछ छात्रों के पास परीक्षा से पहले ऐसे क्वेश्चन पहुंचने का दावा किया गया, जिनकी सामग्री बाद में आयोजित परीक्षा से काफी हद तक मेल खाती बताई जा रही है. हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

उच्च स्तरीय बैठक आयोजित 

हालांकि, मामले की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की है और घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही समिति में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है.

किस लिए होता है पोर्टल का इस्तेमाल 

बता दें, समर्थ पोर्टल विश्वविद्यालय का इस्तेमाल एडमिशन प्रोसेस, एग्जामिनेशन मैनेजमेंट, अकैडमिक रिकॉर्ड, एडमिनिस्ट्रेटिव डाक्यूमेंट्स और छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी के किया जाता है. वहीं अगर इस पोर्टल छेड़छाड़ या डेटा लीक की पुष्टि होती है, तो हजारों छात्रों की संवेदनशील जानकारियां प्रभावित हो सकती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पोर्टल पर आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और शैक्षणिक दस्तावेज जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं मौजूद रहती हैं.

अभिभावकों ने जताई चिंता 

जानकारी के अनुसार, छात्रों और अभिभावकों ने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि अगर लॉगिन संबंधी जानकारी या अन्य कोई डेटा सार्वजनिक हुआ है, तो इसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ सकती है. वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्रश्नपत्र लीक होने के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं. हालांकि पोर्टल से जुड़े तकनीकी पहलुओं और हैकिंग की गहन जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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