NCERT की किताब में न्यायपालिका को बदनाम करने की साजिश? गुस्से से लाल हुए PM मोदी
कक्षा 8 की NCERT किताब को लेकर विवाद तेजी से बढ़ता जा रहा है. विवाद के बीच पीएम मोदी का इसपर रिएक्शन सामने आया है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस विवाद से बेहद नाराज हैं.

नई दिल्ली: NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान किताब में न्यायपालिका से जुड़े एक अध्याय ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इस अध्याय में न्यायिक प्रणाली में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई है.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे बेहद नाराज हैं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां किताब पर रोक लगाई गई है.
विवाद की शुरुआत
NCERT ने अपनी नई पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका पर एक नया हिस्सा जोड़ा है. पहले के संस्करणों में सिर्फ अदालतों की संरचना और भूमिका पर फोकस था, लेकिन अब इसमें चुनौतियां जैसे भ्रष्टाचार और केसों की लंबी संख्या शामिल की गई है.
किताब में सुप्रीम कोर्ट में 81,000, हाई कोर्ट में 62 लाख और जिला अदालतों में 4.7 करोड़ से ज्यादा लंबित मामलों का जिक्र है. इसने न्यायपालिका की छवि पर सवाल उठाए, जिससे हंगामा मच गया.
प्रधानमंत्री का सख्त रुख
सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी, जो फिलहाल इजराइल में हैं, उन्होंने इस मुद्दे पर साफ कहा कि "इन सबकी देखभाल कौन कर रहा है?" उनका संदेश है कि NCERT में इस अध्याय को शामिल करने वाले लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
पीएम का मानना है कि ऐसी सामग्री से न्यायपालिका की गरिमा प्रभावित हो सकती है. यह बयान शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचा है, जहां जांच की बात हो रही है.
शिक्षा मंत्री का खेद
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस विवाद पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि सरकार न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है और किताब में ऐसी सामग्री डालने का कोई इरादा नहीं था. प्रधान ने पत्रकारों से बातचीत में खेद व्यक्त किया और वादा किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन किया जाएगा. उन्होंने कहा, "हम इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और जो हुआ उससे मैं बहुत दुखी हूं."
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब पर तीखी प्रतिक्रिया दी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी डायरेक्टर को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने पूछा कि अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू हो.
साथ ही, किताब के प्रकाशन, छपाई और ऑनलाइन शेयरिंग पर पूरी रोक लगा दी. भारत और विदेश में किताब की सभी कॉपियां जब्त करने के आदेश दिए गए. कोर्ट ने कहा, "हमें पता लगाना है कि इसके पीछे कौन है, दोषियों को सजा मिलेगी."
अध्याय में क्या लिखा है?
NCERT का अध्याय "हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका" पर है. इसमें न्यायाधीशों की आचार संहिता, भ्रष्टाचार से निपटने के तरीके और शिकायत निवारण प्रणाली (सीपीग्राम) का जिक्र है.
किताब में पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के जुलाई 2025 के बयान का हवाला दिया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में कदाचार से जनता का विश्वास कम होता है. अध्याय में प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयासों की भी बात है.


