11 मुस्लिम 19 साल जेल में रहे…ओवैसी ने बताई UAPA कानून की कमियां, कांग्रेस पर जमकर बरसे

यूएपीए कानून को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इस कानून ने निर्दोष लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है, खासकर मुसलमानों और दलितों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है. 19 साल बाद 11 मुस्लिम आरोपियों की रिहाई को उन्होंने सिस्टम की सबसे बड़ी विफलता बताया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: देश में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कानून को "काला कानून" बताते हुए इसकी कठोर धाराओं और कथित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही इस कानून के लिए जिम्मेदार ठहराया.

ओवैसी ने कहा कि UAPA के तहत कई निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद हुई है और इसका सबसे ज़्यादा असर मुसलमानों और दलितों पर पड़ा है. उन्होंने 19 साल तक जेल में बंद रहे 11 मुस्लिम आरोपियों का उदाहरण देते हुए कहा कि आखिरकार अदालत ने उन्हें निर्दोष करार देकर रिहा कर दिया, लेकिन तब तक उनकी ज़िंदगी तबाह हो चुकी थी.

 2008 में कांग्रेस लाई थी कानून

ओवैसी ने साफ कहा,"ये कांग्रेस UAPA कानून 2008 में लाई थी. मैं तब सांसद था और मैंने चेतावनी दी थी कि इसका इस्तेमाल मुसलमानों और दलितों के खिलाफ किया जाएगा." उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने यह भी आगाह किया था कि इस कानून के तहत बड़े लेखकों और विचारकों को भी निशाना बनाया जा सकता है.

UAPA की धाराओं पर उठाए सवाल

ओवैसी ने UAPA की कठोर धाराओं पर सवाल उठाते हुए कहा,"इसमें 180 दिनों तक हिरासत में रखने का प्रावधान है. तो न रूस और न ही अमेरिकी पैट्रियट एक्ट में इतनी लंबी अवधि है." उनका कहना था कि इतनी लंबी हिरासत पुलिस को मनमानी का मौका देती है.

उन्होंने आगे कहा कि इस कानून का इस्तेमाल असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए भी किया जा रहा है."उस लड़के (उमर खालिद) को सिर्फ़ दो बार बाहर निकलने दिया गया, एक बार अपनी बहन की शादी के लिए," 

मुसलमान है तो उसे आतंकवादी मान लिया जाता है

ओवैसी ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा,"दिल्ली की एक स्टडी से पता चलता है कि 80% मामलों में पुलिस मान लेती है कि अगर आरोपी मुसलमान है, तो वह आतंकवादी है."

उन्होंने मुंबई ट्रेन धमाकों का जिक्र करते हुए कहा कि "ग्यारह मुसलमानों को 19 साल के लिए जेल में डाल दिया गया और उन्हें सिर्फ़ 9–10 महीने पहले अदालत द्वारा निर्दोष घोषित किए जाने के बाद रिहा किया गया."
उन्होंने शिवाजी नगर के मोहम्मद अली का उदाहरण देते हुए कहा कि 120 वर्ग फुट के कमरे में 12 लोगों के आतंकी साजिश रचने का दावा किया गया, जो अविश्वसनीय था.

काले कानून का कांग्रेस ने दिया साथ

ओवैसी ने 2019 के बाद संसद में UAPA में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा, "अमित शाह कानून लेकर आए और उस समय बीजेपी का साथ सिर्फ कांग्रेस ने दिया." उन्होंने कहा कि उनका मकसद "सेक्युलर पार्टियों को बेनकाब करना है."

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