नशे के खिलाफ पंजाब का बड़ा वार, एक साल में सख्त कार्रवाई तेज

पंजाब में नशों के खिलाफ शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम को एक साल पूरा हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे ऐतिहासिक बताया। सरकार ने सख्त कार्रवाई और बेहतर नतीजों का दावा किया।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

पंजाब में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम को एक साल पूरा हो गया है।चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को बधाई दी।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं रही।यह लोगों की साझी लड़ाई बनी।सरकार का दावा है कि नशे के नेटवर्क पर सीधा वार हुआ।सप्लाई लाइन तोड़ी गई।कई बड़े तस्कर जेल भेजे गए।

क्या पिछली सरकारें जिम्मेदार थीं?

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि पहले नशे का कारोबार बढ़ा।तस्करों को खुली छूट मिली।जिससे कई परिवार बर्बाद हुए।युवाओं का भविष्य अंधेरे में गया।अब सरकार कहती है कि वह समझौता नहीं करेगी।जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।

कैसे टूटा नशे का नेटवर्क?

सरकार के अनुसार एक साल में 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं।51,648 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।2,277 किलो हेरोइन जब्त हुई।49 लाख से अधिक गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।नशे के धंधे की कमर तोड़ी गई।नेटवर्क बिखर चुका है।

क्या सजा दर में आया सुधार?

सरकार का दावा है कि मामलों की सुनवाई तेज की गई।एनडीपीएस एक्ट के तहत मजबूत केस तैयार किए गए।सजा दर पहले से बेहतर हुई।अब यह करीब 88 प्रतिशत तक पहुंची है।मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉरेंसिक जांच का सहारा लिया गया।ताकि अदालत में केस टिके।तस्करों को सजा मिले।

कितनी ड्रग मनी बरामद हुई?

मुख्यमंत्री के मुताबिक 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।तस्करों की संपत्तियां जब्त की गईं।कुछ अवैध निर्माण भी गिराए गए।सरकार का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं।आर्थिक चोट भी जरूरी है।ताकि धंधा दोबारा न पनपे।यह सख्त संदेश है।

क्या यह जन आंदोलन बन गया?

सरकार का कहना है कि यह अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है।गांवों और शहरों में जागरूकता कार्यक्रम हुए।लोगों ने पुलिस को सूचना दी।कई मामलों में स्थानीय सहयोग मिला।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बिना यह संभव नहीं था।लड़ाई लंबी है।लेकिन इरादा मजबूत है।

क्या आगे भी जारी रहेगी जंग?

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कहा कि यह अभियान रुकेगा नहीं।युवाओं को नशों से बचाना प्राथमिकता है।सरकार हर स्तर पर सख्ती करेगी।नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि यह पंजाब के भविष्य की लड़ाई है।और इसे अंत तक लड़ा जाएगा।

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