सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पास किया JEE Mains...मान सरकार की शिक्षा क्रांति के ऐतिहासिक परिणाम आए सामने, बोले हरजोत सिंह बैंस

पंजाब के सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने जेईई मेन 2026 पास किया, जो पिछले साल के 187 से 63% अधिक है, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया, सरकार योग्य विद्यार्थियों को जेईई एडवांस की तैयारी के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण कैंप लगाएगी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति अब रंग ला रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकारी स्कूलों के छात्रों ने जेईई मेन 2026 में शानदार प्रदर्शन किया. शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस साल 305 छात्र सफल हुए, जबकि पिछले साल यह संख्या 187 थी. यह 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी राज्य की स्कूल शिक्षा व्यवस्था की ताकत दिखाती है. गरीब परिवारों के बच्चे भी इस सफलता में शामिल हैं, जो प्रेरणा का स्रोत बन रही है.

शानदार सफलता की शुरुआत

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि पंजाब शिक्षा क्रांति का जीता-जागता सबूत है. सरकारी स्कूलों के छात्रों ने मेहनत और सरकारी सहायता से यह मुकाम हासिल किया. पिछले साल की तुलना में 63 प्रतिशत अधिक छात्रों का चयन होना गर्व की बात है. उन्होंने सभी शिक्षकों को सलाम किया, जिनकी मेहनत से यह संभव हुआ. यह संख्या जेईई मेन की अगली परीक्षा के बाद और बढ़ सकती है.

गरीब परिवारों के छात्रों की प्रेरक कहानियां

भविष्या ने अमृतसर के स्कूल ऑफ एमिनेंस से 98.182 प्रतिशत अंक हासिल किए. उसके पिता मोबाइल रिपेयर करते हैं और मां सिलाई का काम. दिलखुश झाअ ने बठिंडा से 95.091 प्रतिशत स्कोर किया, जहां परिवार की आय महज 1.2 लाख है. प्रियंका शर्मा ने संगरूर से 96.44 प्रतिशत प्राप्त किए. ये बच्चे वित्तीय तंगी के बावजूद सपनों को पूरा कर रहे हैं.

लड़कियों की बढ़ती भागीदारी 

हरमनदीप शर्मा ने छाजली संगरूर से 98.75 प्रतिशत अंक लिए, बिना किसी ट्यूशन के. पलक कौर ने अमृतसर से 90.11 प्रतिशत स्कोर किया, पिता के निधन के बाद भी पढ़ाई जारी रखी. काजल ने एसएएस नगर से 92.66 प्रतिशत हासिल किए. इस बार 134 लड़कियों ने सफलता पाई, जो स्टेम क्षेत्र में लिंग समानता की ओर इशारा करता है.

सरकारी योजनाओं का कमाल

पीएसीई कोचिंग पोर्टल, मुफ्त आवासीय कैंप, नियमित मॉक टेस्ट और विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने छात्रों को मजबूत बनाया. शिक्षा मंत्री ने जेईई एडवांस की तैयारी के लिए तीन हफ्ते का विशेष प्रशिक्षण कैंप लगाने की घोषणा की. श्री आनंदपुर साहिब से पांच छात्र सफल हुए. ये प्रयास आईआईटी और अन्य शीर्ष संस्थानों में प्रवेश के सपने साकार कर रहे हैं.

भविष्य के लिए प्रतिबद्धता

मंत्री ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब किसी से कम नहीं. उन्होंने सभी सफल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी. जेईई मेन की अगली परीक्षा से और बेहतर परिणाम की उम्मीद है. सरकार शिक्षा सुधारों को और तेज करेगी ताकि गरीब बच्चे भी बड़े सपने देख सकें और उन्हें पूरा कर सकें.

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