1 जुलाई से महिलाओं को मिलेगी सम्मान राशि, बरनाला से CM मान ने किए कई बड़े ऐलान
बरनाला में आयोजित 'लोक मिलनी' के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कई बड़े ऐलान किए. महिलाओं के लिए नई वित्तीय सहायता, विकास परियोजनाओं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें कहीं.

बरनाला: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये तीनों पार्टियां पंजाब की अभूतपूर्व तरक्की से बौखला गई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' सरकार को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन को ये दल बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. बरनाला में आयोजित 'लोक मिलनी' (जनता दरबार) के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल मानसिक संतुलन खो चुके हैं. वे पंजाब के तेज़ विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठे प्रचार का सहारा ले रहे हैं.
सरकार का फोकस सिर्फ विकास और जनकल्याण पर
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई जनहितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को अस्थिर करने की बार-बार कोशिशों के बावजूद उनका पूरा ध्यान विकास और जनकल्याण पर केंद्रित है. उन्होंने घोषणा की कि पहली जुलाई से पूरे पंजाब में 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के देश के पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत की जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी साजिश या बदनाम करने का अभियान उन्हें जनता की सेवा और पंजाब के हितों की रक्षा करने से नहीं रोक सकता.
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने आम लोगों की भलाई और राज्य के विकास के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. उन्होंने कहा, "पारंपरिक राजनीतिक दल, जिन्होंने कभी आम लोगों की चिंता नहीं की, हमारी उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. वे लगातार पंजाब सरकार और मेरे खिलाफ ज़हर उगल रहे हैं. उनके पास जनता के लिए कोई एजेंडा नहीं है. उनका एकमात्र उद्देश्य झूठे आरोप लगाकर सरकार को बदनाम करना है."
पहली जुलाई से महिलाओं को मिलेगी वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पांच दिन बाद यानी पहली जुलाई से पूरे पंजाब की महिलाओं को 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के तहत आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा, "18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर राशि जमा होने का संदेश मिलेगा. पंजाब की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे. यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होगी. जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना की पात्र होंगी." उन्होंने बताया कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है.
महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
योजना के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह आर्थिक सहायता महिलाओं को अमीर भले न बनाए, लेकिन उन्हें सम्मान और आत्मविश्वास अवश्य देगी. महिलाएं जीवन का आधार हैं और उनका सम्मान सर्वोपरि है. महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता ही सामाजिक समानता और परिवार की मजबूती की नींव है."
गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारें होंगी अंडरग्राउंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'आप' सरकार ने गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारों को भूमिगत करने का देश का पहला बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी शुरुआत उनके पैतृक गांव से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है. उन्होंने कहा, "यह ऐतिहासिक पहल गांवों को सिर के ऊपर फैले बिजली के तारों और अनावश्यक खंभों के जाल से मुक्त करेगी. खुले तारों से लोगों, पशुओं और विशेषकर बच्चों को करंट लगने का खतरा बना रहता है. ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य कृषि मशीनें भी अक्सर इन तारों की चपेट में आकर हादसों का शिकार होती हैं." उन्होंने कहा कि फसलों में आग लगने, आंधी और बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था प्रभावित होने जैसी समस्याओं से भी इस परियोजना के जरिए स्थायी राहत मिलेगी. इससे गांवों का जीवन स्तर बेहतर होगा और बिजली निगम को भी वित्तीय नुकसान से बचाया जा सकेगा.
मुफ्त बिजली और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है. उन्होंने कहा, "पहली बार किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. जहां केंद्र सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों का निजीकरण कर रही है, वहीं पंजाब सरकार ने निजी थर्मल प्लांट खरीदकर नया इतिहास रचा है." उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालों का निर्माण कराया है, ताकि किसानों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाई जा सके. इन माध्यमों से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है. साथ ही, नहरों और नदियों में बनाए गए रिचार्ज प्वाइंट्स के कारण भूजल स्तर में दो से चार मीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है.
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने गलत कार्यों के कारण पारंपरिक राजनीतिक दलों के नेता जनता के बीच जाने से डरते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ानी पड़ती है. उन्होंने कहा, "अकाली दल अब केवल जेठानी-देवरानी की पार्टी बनकर रह गया है. सुखबीर बादल आज भी 2022 की चुनावी हार से उबर नहीं पाए हैं." उन्होंने कहा, "जब मेरे राजनीतिक विरोधी राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर पाते, तो धर्म के नाम पर मुझे बदनाम करने की कोशिश करते हैं. रोज़ फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाए जाते हैं, लेकिन ऐसी कोशिशें मुझे जनता की सेवा से नहीं रोक सकतीं." मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वे बिजली, पानी, सड़क, गांवों के तालाब, आम आदमी क्लीनिक, अस्पताल और रोजगार जैसे मुद्दों पर काम करते रहेंगे.
फर्जी वीडियो पर दी प्रतिक्रिया
हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ लगातार झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया, "जब सुखबीर बादल ने स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष बेअदबी से जुड़े मामलों में अपनी गलतियां स्वीकार की थीं, तब उनके खिलाफ ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए?" मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल ने अपनी गलतियों, गोलीकांड और अन्य फैसलों की जिम्मेदारी स्वीकार की थी. इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया गया.
जनता ही करेगी अंतिम फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी वे जाते हैं, वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. विपक्ष इस जनसमर्थन को देखकर घबरा गया है और इसी कारण तीनों दल एकजुट होकर उन्हें धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं पंजाब और पंजाबियों के हितों के लिए मजबूती से खड़ा रहूंगा. विपक्ष जो चाहे करे, लेकिन अंतिम फैसला जनता करेगी." वायरल वीडियो को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे झूठे प्रचार पर विश्वास न करें. उन्होंने कहा, "विपक्ष राजनीतिक रूप से मुकाबला नहीं कर पा रहा, इसलिए झूठे धार्मिक प्रचार के जरिए मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है."
कांग्रेस और विपक्ष पर फिर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पंजाब के विकास और जनता के प्यार को पचा नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि तीनों दलों का एकमात्र एजेंडा उन्हें किसी भी तरह बदनाम करना है. कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस में आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं. पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और उसका पंजाब के विकास के लिए कोई विजन नहीं है." उन्होंने कहा कि पहले ये पारंपरिक दल सत्ता के लिए अपनी बारी का इंतजार करते थे, लेकिन अब उनकी फैलाई हुई गंदगी को साफ करने के लिए 'झाड़ू' मौजूद है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' शुरू की है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा, "पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू की है. इससे लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है. अब तक इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है." इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे.


