भारत टेक्स 2026 में CM मान ने पेश किया पंजाब का विकास मॉडल, निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

भारत टेक्स 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को टेक्सटाइल निवेश और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बताते हुए नई औद्योगिक नीति, निवेश-अनुकूल माहौल और उद्योगों के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से अपनी बात रखी.

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नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टेक्सटाइल निवेश के लिए पंजाब को देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बताते हुए कहा कि राज्य में संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन से जुड़े अपार अवसर मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब निवेशकों और उद्यमियों को पारदर्शी, उद्योग-अनुकूल और भरोसेमंद कारोबारी माहौल उपलब्ध करा रहा है.

नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट पैवेलियन का उद्घाटन करने और पंजाब स्टेट सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास नीति लागू की है. इसके तहत सिंगल विंडो और सिंगल पैन सिस्टम के माध्यम से समयबद्ध मंजूरियां सुनिश्चित की जा रही हैं.

चार वर्षों में दो लाख करोड़ रुपये का निवेश, पांच लाख रोजगार

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब ने दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, जिससे पांच लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को विकास का भागीदार मानती है और लालफीताशाही को समाप्त कर उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य को उन्नत टेक्सटाइल निर्माण और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

उद्योगपति अब सरकार के साझेदार

भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछली सरकारें उद्योगपतियों को केवल एटीएम समझती थीं, जबकि हमारी सरकार उन्हें राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास का समान भागीदार मानती है. पंजाबियों में मेहनत, समर्पण और देशभक्ति की अद्वितीय भावना है, जिसकी बदौलत उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी भी पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित हो."

निवेशकों को दिया पंजाब आने का न्योता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के पास उत्कृष्ट उद्यमशीलता संस्कृति, मजबूत विनिर्माण क्षमता, कुशल मानव संसाधन, एकीकृत टेक्सटाइल वैल्यू चेन और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति जैसी कई विशेषताएं हैं. उन्होंने उद्योगपतियों, वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों से पंजाब में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में पांच बिजली उत्पादन संयंत्र कार्यरत हैं तथा पछवाड़ा स्थित समर्पित कोयला खदान से प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति की जाती है.

सरकार और उद्योगों के सहयोग से मिलेगा विकास

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब सरकार और उद्योग एक साथ मिलकर कार्य करें. उन्होंने कहा, "निवेशक और उद्यमी पंजाब के औद्योगिक भविष्य के मुख्य स्तंभ हैं. राज्य में उचित बिजली दरें, भूमि संबंधी सुविधाएं और निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है. पंजाब व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है. पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योगों को तेज और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं. पंजाब 'राइट टू बिजनेस एक्ट' लागू करने वाला देश का पहला राज्य भी बन चुका है."

'अवसरों की धरती' बन रहा है पंजाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज अवसरों की धरती बन चुका है, जहां देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियां निवेश करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि पहले उद्योगपतियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता था, जिससे कई उद्योग राज्य छोड़कर चले गए थे. लेकिन वर्ष 2022 में सरकार बनने के बाद कई क्रांतिकारी फैसले लिए गए हैं, जिनकी बदौलत पंजाब आज विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है.

भारत टेक्स केवल प्रदर्शनी नहीं, भविष्य का मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत टेक्स 2026 केवल उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि भारत के टेक्सटाइल उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच है. उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए टेक्सटाइल केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि उसकी पहचान, विरासत और आर्थिक मजबूती का अभिन्न हिस्सा है. पीढ़ियों से पंजाब ने केवल कपड़ा ही नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और समृद्धि भी बुनी है.

पंजाब के पास है पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज तकनीक, नवाचार, स्थिरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को अपनाते हुए विकास के नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य की सबसे बड़ी ताकत इसकी संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन है. कपास की खेती से लेकर कताई, धागा, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया पंजाब के भीतर ही पूरी की जा सकती है. उन्होंने कहा, "दुनिया में बहुत कम ऐसे क्षेत्र हैं जहां इतनी मजबूत और एकीकृत टेक्सटाइल वैल्यू चेन उपलब्ध हो."

पंजाब का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक बाजारों में मजबूत

मुख्यमंत्री ने किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, श्रमिकों और औद्योगिक घरानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं के सामूहिक प्रयासों से पंजाब भारत के प्रमुख टेक्सटाइल राज्यों में शामिल हुआ है. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब ने 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का टेक्सटाइल निर्यात किया, जो देश के कुल टेक्सटाइल एवं परिधान निर्यात का लगभग 4 प्रतिशत है. राज्य के उत्पाद अमेरिका, यूएई, ब्रिटेन सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जा रहे हैं, जो पंजाब की गुणवत्ता और वैश्विक भरोसे को दर्शाता है.

लुधियाना बना देश का सबसे बड़ा निटवियर हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वर्धमान, सनातन टेक्सटाइल्स, नाहर, मोंटे कार्लो, गंगा एक्रोवूल, स्पोर्टकिंग, शिंगोरा और ऑक्टेव जैसी प्रतिष्ठित टेक्सटाइल कंपनियों का केंद्र है. उन्होंने कहा कि हजारों एमएसएमई पंजाब की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना उत्तर भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और निटवियर क्लस्टर है, जो देश के लगभग 90 प्रतिशत ऊनी निटवियर तथा 65 प्रतिशत हौजरी उत्पादन में योगदान देता है.

टेक्निकल टेक्सटाइल और स्मार्ट फैब्रिक्स में भी बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में टेक्निकल टेक्सटाइल, इंडस्ट्रियल टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल, जियोटेक्सटाइल, सस्टेनेबल फाइबर, स्मार्ट फैब्रिक्स, फंक्शनल अपैरल, हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्सवियर तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में पंजाब इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 लागू की है, जिसे उद्योग जगत और हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचे, भरोसेमंद बिजली, कौशल विकास, नवाचार और निर्यात प्रोत्साहन के माध्यम से उद्योगों को लगातार सहयोग दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन्वेस्ट पंजाब और फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल के जरिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है.

निर्यात और एमएसएमई को मिलेगा नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग, शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, तकनीकी विशेषज्ञों और कौशल विकास एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उद्योगों को पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़ाकर वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा, "उद्योग केवल उत्पादन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का आधार भी हैं. एमएसएमई को मजबूत करना, नवाचार को बढ़ावा देना, निर्यात क्षमता बढ़ाना और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है."

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. First Updated : Wednesday, 15 July 2026