पंजाब न्यूज. मामला एक टिप्पणी से शुरू हुआ। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर टिप्पणी की। आम आदमी पार्टी ने इसे जातिवादी बताया। इसके बाद पूरे राज्य में विरोध शुरू हो गया। आप नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक मंत्री का मुद्दा नहीं। यह सम्मान का सवाल है.
आप ने गुरुवार को कई जिलों में प्रदर्शन किए. पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे. नारेबाजी हुई। माफी की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसी भाषा स्वीकार नहीं होगी. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से भी जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि एक सीनियर लीडर औऱ विरोधी पक्ष के नेता को ऐसी टिप्पणी शोभा नहीं देती.
आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि यह दलित समाज का अपमान है. उनका आरोप है कि कांग्रेस की सोच पुरानी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को साफ करना चाहिए कि वह इस बयान के साथ है या नहीं.
क्या यह सिर्फ राजनीति?
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. विपक्ष का कहना है कि सरकार ध्यान भटकाना चाहती है. लेकिन आप का रुख सख्त है. पार्टी कह रही है कि बिना शर्त माफी जरूरी है. मामला अब राजनीतिक टकराव बन गया है.
मलेरकोटला, रोपड़, लुधियाना और पटियाला सहित कई जगह विरोध हुआ. स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया. कुछ जगह बैंड-बाजा कलाकार भी आए. उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोगों का अपमान नहीं होना चाहिए. यह आंदोलन सिर्फ पार्टी तक सीमित नहीं रहा.
आप ने कहा कि पंजाब बराबरी की धरती है. गुरु साहिबान और बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा का जिक्र किया गया। पार्टी का कहना है कि किसी भी वर्ग को नीचा दिखाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. इस बयान ने दलित सम्मान का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है.
अब सबकी नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर है. क्या पार्टी माफी मांगेगी या नहीं. आप ने कहा है कि जब तक माफी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा. पंजाब की राजनीति में यह विवाद अभी थमने वाला नहीं दिखता. आने वाले दिनों में यह और गर्म हो सकता है. First Updated : Friday, 13 February 2026