दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, चलती बस बनी आग का गोला, 7 यात्रियों की मौत

राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराने के बाद एक यात्री बस में भीषण आग लग गई. हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए. शुरुआती जांच में दुर्घटना की वजह से जुड़े अहम संकेत सामने आए हैं.

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दौसा: राजस्थान के दौसा जिले से बुधवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हरिद्वार से इंदौर जा रही एक निजी स्लीपर बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. पहले बस एक ट्रेलर से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी. हादसे के कुछ ही पलों बाद बस में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस दुर्घटना में कई यात्रियों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना कोलवा थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित एक रेस्ट एरिया के पास हुई. घटना तड़के लगभग 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है. अधिकतर यात्री उस समय गहरी नींद में थे, इसलिए अचानक हुए हादसे का अंदाजा किसी को नहीं लग पाया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बस एक ट्रेलर से टकराने के बाद संतुलन खो बैठी और सड़क से नीचे खाई में जा गिरी. टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ ही देर में उसमें आग लग गई.

टक्कर के बाद बस बनी आग का गोला

हादसे के बाद बस के पिछले हिस्से में आग तेजी से फैलने लगी. कुछ ही मिनटों में लपटों ने बस के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. अंदर मौजूद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगा. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ऐसा लग रहा है कि किसी वाहन ने ओवरटेक करने का प्रयास किया था, जिसके चलते ट्रेलर और बस के बीच जोरदार टक्कर हुई. हालांकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है.

कई यात्री सो रहे थे, संभलने का मौका नहीं मिला

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि बस में सो रहे कई यात्री अपनी सीटों से नीचे गिर पड़े. ऊपर की बर्थ पर सो रहे लोगों को सबसे ज्यादा झटका लगा. दुर्घटना के बाद बस में धुआं और आग फैलने से हालात और भी गंभीर हो गए. हालांकि कुछ यात्रियों ने समय रहते बस के दरवाजे और खिड़कियों से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली. घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं.

राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और एम्बुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग किया. काफी मशक्कत के बाद यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए दौसा जिला अस्पताल भेजा गया. जिन घायलों की हालत ज्यादा गंभीर थी, उन्हें बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया. डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है.

वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हो गए. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार, डिप्टी एसपी धर्मेंद्र कुमार और एसडीएम संजू मीणा अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना. अधिकारियों ने डॉक्टरों को सभी घायलों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज करने के निर्देश दिए. साथ ही मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई.

दुर्घटना की जांच शुरू

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ट्रेलर से टक्कर लगने के बाद चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके कारण वाहन खाई में जा गिरा. इस हादसे के चलते कुछ समय के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा. बाद में पुलिस और प्रशासन ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया. फिलहाल जांच एजेंसियां दुर्घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके. First Updated : Wednesday, 01 July 2026